एक हत्यारा मिस्ट्री स्टोरी

एक हत्यारा मिस्ट्री स्टोरी Ek Hatyara Mystery kahani real mystery story hindi

 

ये कहानी एक हत्यारे के ऊपर आधारित है. एक हेच मेन के बारे मैं सभी लोगो को चेतावनी थी. जिसने दिल्ली मैं एक महिला को मार डाला था. तभी से सभी लड़कियों को ये चेतावनी दी गयी की कोई भी लड़की हलकी रौशनी वाले इलाके मैं रात को घर से बहार नहीं जाएगी.

नेहा और भावना एक हॉस्टल मैं एक एक ही रूम मैं रहते थे. क्योकि वे दोनों ही बहार देश से आये हुए थे पढ़ाई करने के लिए. दिन भर वो कॉलेज मैं रहती और रात को डर के मारे हॉस्टल से बहार भी नहीं निकल प् सकती थी. इसलिए वो बहुत हु उब्ब जाती थी. लेकिन एक दिन उन्होंने ये फैसला किया की वो कॉलेज के बाद रात मैं कही पर पार्टी मैं जरूर जाएगी. वो पार्टी मैं गयी और उन्होंने वह पर काफी मात्रा मैं नशा भी किया था. वो दोनों आधी रात मैं नशे मैं धुत होकर अपने हॉस्टल के लिए निकल padi.


उनके दोस्तों ने उन्हें ये बताया था की रात मैं लेट आने पर, उन्हें कौन से रस्ते से हॉस्टल मैं आना चाहिए. तो वो उसी सुनसान रस्ते से हॉस्टल की और चल दी. उस रस्ते पर घोर अँधेरा था , और वो भूल गयी थी की शहर मैं एक हेच मेन नाम का हत्यारा भी घूम रहा है. जब तक ये सब सोच पति , तब तक वो अँधेरे मैं एक डरावनी गली मैं आ चुकी थी, जहा पर था वो हत्यारा.

नेहा अचानक से शांत और बहुत ही एकेला महसूस कर रही थी. उसने ये लगा की कोई परछाई उसका पीछा कर रही है. उसने तुरंत ही लम्बी सांसे लेनी शुरू की और अपने कदमो को तेज कर दिया , ताकि वह से जल्दी निकल सके.

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नेहा और भावना दोनों का दिल बहुत ही जोर जोर से धड़क रहा था क्योकि उन्हें इस बात का यकीन था की कोई ना कोई उनका पीछा कर रहा है, वो दोनों दौड़ती हुई अपने कॉलेज के परिसर मैं तुरंत ही चली गयी. उन्होंने कमरों मैं घुसने के लिए अपने हॉस्टल मैं घुसने लेगी. उन्होंने सीढ़ियों से जाना ठीक समझा लेकिन किसी ने उन्ह एक दम से निचे पटक दिया और पीछे से दरवाजा बंद कर दिया. अब तो सब कुछ शांत हो चूका था , ना तो कोई आवाज और न ही किसी के साँस लेने तक की आवाज ही आ रही थी.


नेहा ने रात को नहाने की सोची और नहाने के लिए बाथरूम मैं चली गयी की तभी पीछे से अचानक से दरवाजा बंद हो गया. उसने शीशा देखा वो एक दम से अपने आप को ठीक महसूस कर रही थी. वो शोर मचाने लग गयी और भावना ने काफी कोशिस के बार बाथरूम का दरवाजा खोल दिया. नेहा ने पूछा की क्या तुमने दरवाजा बंद किया था , तो भावना ने कहा मैंने नहीं किया था. तो फिर आखिर दरवाजा किसने बंद किया. शायद उनके रूम मैं कोई और भी था. लेकिन कोण, अब तो वो दोनों ही बहुत दर गयी थी.

वो ये समझ ही नहीं पा रही थी की कोण है की तभी उन्हें अपने रूम के बहार एक आवाज सुनाई दी. वो दोनों जैसे ही रूम से बहार निकली तभी उन्हें एक परछाई साफ़ नज़र आ रही थी. उन्होंने शोर मचा दिया की तभी वहाँ पर द्वारपाल आ गया. नेहा और भावना ने उसे सब बताया तो अब वो तीनो ही ये देखने मैं लग गए की कोण है उनके सिवा हॉस्टल मैं. द्वारपाल भी बहुत दर रहा था , उसके हाथ काँप रहे थे. उन्हें ढूंढते हुए फर्श पर कुछ खून की बुँदे नज़र आ रही थी, तो वो तीनो उन बूंदो के पीछे चल दिया और चलते चलते एक रूम के बहार पहुंच गए.

वो जैसे ही रूम खोलते है तो उन्हें रूम के पुरे फर्श पर खून ही खून नज़र आ रहा था , नेहा और भावना दोनों ही चिल्ला पड़ी. उन्होंने देखा की रूम के साइड मैं एक लड़की मरी पड़ी थी जिसका नाम था दीपाली. उसके गले को किसी धारदार हतियार से चीरा गया था और पूरा फर्श खून से लतपत था. उसने अपने को बचने की पूरी कोशिस की होगी क्योकि उसके हाथो के नखों पूरी तरहे से टूट चुके थे जिससे की उसने दरवाजे को खरोंचा था और उनमे खून आ चूका था. उन्होंने कमरे मैं एक कुल्हाड़ी देखि थी जिसमे खून टपकता हुआ साफ़ नज़र आ रहा था. लेकिन रूम मैं हत्यारे का कोई और सुराग नहीं था.

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