गुप्‍त रखना अपनी ये 7 बातें नहीं तो 

गुप्‍त रखना अपनी ये 7 बातें नहीं तो Gupt Rekhna Apni Ye 7 Bate Nahi To moral kahani

 

आज मैं आपको बताने जा रहा हु की वो कोण सी ऐसी सात बाते है जो कभी भी किसी को नहीं बतानी चाहिए. हमारी ज़िन्दगी मैं कई बार ऐसा होता है कि हम अपने आवेस में आकर या किसी को अपना मानकर बिना भविष्‍य का सोचे दूसरों को अपने मन की साडी बात बता देते हैं। लकिन आगे चलकर अपनी गलती का हमे अहसाह तब होता है जब कोई दूसरे आपके राज को आपसे ही जानकर मौके का फायदा उठाने लगता हैं।

फिर आपको अनेको प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तो अगर आप अपना हमेशा भला चाहते हैं, तो ये सात बातें कभी किसी को भी किसी भी हालत में नहीं बतानी चाहिए।

1. अपमान – यदि किसी कारन से किसी ने भी आपका अपमान किया हो, तो इस बात को हमेशा गुप्‍त ही रखना चहिये। यदि आपने दूसरों को यह बात बताई, तो दो से चार और चार से चालीस लोगों तक बात फैलने में समय नहीं लगेगा। ऐसी स्थिति में आप मजाक के पात्र हमहा बने रहेंगे ।

2. रतिक्रिया – स्त्री या पुरुष को रतिक्रिया के समय एकांत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस कर्म से जुड़ी बातें भी गुप्त रखनी चाहिए। यदि ये बातें दूसरों को मालूम हो जाती हैं तो यह हमारे चरित्र और सामाजिक जीवन के लिए अच्छा नहीं होता है।

3. घर-परिवार के झगड़े – अधिकतर परिवारों में अक्‍सर छोटे मोटे झगडे होते रहते हैं। मगर आपसी झगड़े घर के बाहर किसी को भी नहीं बताने चाहिए। ऐसा करने पर समाज में परिवार की प्रतिष्ठा कम होती है। परिवार का अहित चाहने वाले लोग हमारे आपसी झगड़े से लाभ उठा सकते हैं।

4. धन हानि – आज के समय में किसी भी व्‍यक्‍ित के सामर्थ्‍य और शक्‍ित को उसके धन से आंका जाता है। धन के आधार पर ही रिश्ते निभाए जाते हैं और मित्रता की जाती है। यदि कभी भी धन हानि हो, तो उसे भी किसी से भी नहीं बताएं। आपको हुई धनहानि के बारे में लोगों को पता चलेगा, तो वे आपसे दूरियां बना लेंगे। धन हानि से उबरने के लिए धन की आवश्यकता होती है, इस बात के जाहिर होने पर कोई धन की मदद भी नहीं करेगा।

5. दान – गुप्त दान का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि जो लोग गुप्त रूप से दान करते हैं, उन्हें अक्षय पुण्य के साथ ही देवी-देवताओं की कृपा से सभी सुख-सुविधाएं प्राप्त होती हैं। दूसरों को बता-बताकर दान करने पर पुण्य प्राप्त नहीं हो पाता है।

6. मंत्र – गुरु द्वारा दिए गए मंत्र को गुप्त ही रखना चाहिए। मंत्र तब ही सिद्ध होते हैं, जब इन्हें गुप्त रखा जाता है। मंत्रों को गुप्त रखने पर जल्दी ही शुभ फल प्राप्त होते हैं।

7. पद-प्रतिष्ठा – यदि हम किसी बड़े पद पर हैं और समाज में हमें बहुत मान-सम्मान प्राप्त होता है तो इस बात को भी गुप्त रखना चाहिए। किसी अन्य व्यक्ति के सामने इस बात को जाहिर करेंगे तो इससे अहंकार का भाव पैदा होता है। अहंकार पतन का कारण बनता है और इससे आपकी प्रतिष्ठा कम हो सकती है।

loading...


Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!