दो बातो की एक बात

दो बातो की एक बात आज हम आपको एक अजब सी कहानी सुनाने जा रहे है, जो की एक दम से अलग है. सुनो अगले संडे शॉपिंग करनी है. गर्मी के कपड़े और कुछ आने वाली फेमिली फंक्शनस् के लिये भी जरूरी सामान लेना है तो. तो क्या चलना है. माफ करना जो करना है

औरत की रियल कहानी मोटिवेशनल स्टोरी

औरत की रियल कहानी मोटिवेशनल स्टोरी   ये कहानी है एक औरत की जो की ट्रैन मैं अपने पति के साथ सफर कर रही है. क्या क्या होता है उनके साथ इस ट्रैन के सफर मैं , आये देखते है. जैसे ही ट्रेन रवाना होने को हुई, एक औरत और उसका पति एक ट्रंक लिए

स्त्रियों की कहानी

स्त्रियों की कहानी आज मैं आपको महिलाओं पर आधारित कुछ बाते बताना चाहता हु, जो की इस प्रकार है. स्त्रीयो को ऊपर वाले ने छठी इंद्री सोचने समझने की क्षमता इतनी अधिक दी है की वो किसी भी पुरुष की नजरों से अपने बारे में उसकी नीयत(द्रष्टि) को जान लेती है. यहाँ तक की अगर

एक ढोंगी की सच्ची कहानी

एक ढोंगी की सच्ची कहानी दोस्तों आज मैं आपको अपनी रियल लाइफ स्टोरी सुनाने जा रहा हु. जो की इस प्रकार है. ये घटना जो मैं आप लोगों को बताने जा रहा हूँ ये घटना 18 साल पहले की है. मेरे पिता जी का स्थानान्तरण नोएडा में हुआ था. यहाँ आने के बाद मेरे पिता

मेरी अपनी कहानी

मेरी अपनी कहानी ये मेरी खुद के साथ बीती एक सच्ची घटना है, जो की मैं आज आपको बताने जा रही हु. अक्सर हमारी बेखयाली में यदा कदा हम उल्टे कपड़े पहन लेते हैं. यह वाकया पुरुष वर्ग में ज्यादा घटित होता है. चड्डी, बनियान या टी शर्ट पर ज्यादा असर पड़ता है. हम औरतें

चित्रकारी की अध्भुत कहानी

चित्रकारी की अध्भुत कहानी आशा की क्लास में आज बहिन जी चित्रकारी करवा रहीं हैं-रंगीन चार्ट पेपर पर. जिस पर बच्चों को मन पसंद पशु या पक्षी का चित्र बनाकर रंग भरना है और ये बने हुए चार्ट पेपर कक्षा की दीवारों पर लगा दिए जायेंगे. बहिन जी सभी बच्चों को एक-एक चार्ट पेपर देके

जिंदगी का सबक मोटिवेशनल कहानी

जिंदगी का सबक मोटिवेशनल कहानी मेरा नाम दिनेश सिंह है और मैं गुजरात का रहने वाला हु. मेरे साथ मेरी लाइफ मैं क्या हुआ, ये मैं आज आप लोगो को बताने जा रहा हु. जीवन के 21 साल हवा की तरह उड़ गए . फिर शुरू हुई नोकरी की खोज . ये नहीं वो, दूर

हमेशा बोल देना चाहिए

हमेशा बोल देना चाहिए ये एक मोटिवेशनल कहानी है, जो की आपको बहुत पसंद आएगी. सोनालिका आधी छुट्टी के बाद रोहन को ढूँढ रही है. रोहन क्लास में बैठ के अकेले खाना खा रहा है. सोनालिका ने कहा. रोहन बोला, सोनालिका…मेरे सर में थोडा दर्द हो रहा था तो मैंने सोचा कि क्लास में बैठ

मेरे पौधे की कहानी

मेरे पौधे की कहानी स्वेता क्लास में है और बहिन जी बच्चों को पढ़ा रहीं है, बच्चों जैसा कि मैंने अभी तुम्हें बताया, पौधे कई प्रकार के होते हैं. और अलग अलग पौधों की जरुरतें भी अलग अलग होती हैं. किसी पौधे को रोशनी और पानी कम चाहिए होता है तो किसी को अधिक. कुछ

हमारा मिलना तय था

हमारा मिलना तय था मेरा नाम दिया है और आज मैं आपको अपनी एक साच्छी प्यार की दास्ताँ सुनाने जा रही हु. आपको शायद मेरी प्रेम कहानी बहुत फिल्मी लगे पर यही सच है मेरी प्रेम कहानी का. मैंने उनको कभी नहीं देखा था, न ही कभी विदेश जाने का सपना देखा था. मै तो
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