अपनी अच्छाई का साथ कभी भी न छोड़े मोटिवेशनल कहानी

अपनी अच्छाई का साथ कभी भी न छोड़े मोटिवेशनल कहानी

Apni goodness ka sath kabhi bhi naa chode motivational kahani hindi

अच्छाई और बुराई सदा ही साथ में चलती है. लेकिन ये हम लोगो को ही देखना है की हम किसका साथ दे. अच्छाई का या फिर बुराई का. जिस तरफ मन हो लेता है हम भी उसी की और चल पड़ते है. लेकिन ज्यादा प्रेफरेंस बुराई को दी गयी है. क्योकि इसकी और हम जल्दी से अट्रैक्ट हो जाते है. एक अच्छा जीवन जीने की कोशिश एक अंतहीन और थकाऊ भरा काम है. हम अपने बुरे कामों से दूर रहने के लिए संघर्ष करते रहते हैं.

क्यों कि हम एक तटस्थ दुनियाँ में नहीं रहते हैं, बल्कि ऐसी दुनियाँ में जहाँ लालच, जरूरतें, और तकलीफ़ें हैं, हम हमारी पूरी एकाग्रता और शक्ति से अच्छे काम करने का प्रयास करते हैं. अच्छी और बुरी शक्तियों का जीवित कार्य ठीक एक दूसरे के विपरीत होने से इन दोनों में सदैव संघर्ष रहता है . अच्छाई और बुराई का यह संतुलन कभी भी स्थिर नहीं होता, अपितु समय के अनुसार परिवर्तित होता रहता है . मानव जीवन कई तरह के कार्य करता है. उसके पीछे कई अच्छाइयां होती हैं तो कई बुराइयां.

उसमें से सबसे बुरा है किसी की बुराई करना. भगवान शिव व मां पार्वती ने संसार को अच्छाई व बुराई का फर्क सिखाया. उन्होंने नर्क व स्वर्ग में रहने वाले लोगों का अंतर किसी न किसी माध्यम से लोगों तक पहुंचाया. हमारे जीवन में अच्छाई को बहाल करने के लिए विभिन्न प्रकार के सुझाव लोग देते हैं. कुछ लोग कहते हैं कि ज्ञान ही अच्छाई को प्राप्त करने की कुंजी है. लोगों को हम जितना अधिक उपदेश देंगे, वे उतने ही अच्छे और बेहतर बन जायेंगे.

इन्हे भी पढ़े….

हैरान कर देने वाली अध्भुत कहानी

सम्मान और प्यार की एक अद्भुत कहानी

शनि देव की हार

लक्ष्य की अनोखी कहानी

परन्तु लोग अपने ज्ञान और बुद्धि का उपयोग अपने स्वार्थ के लिए या धोखा करने के लिए प्रयोग करते हैं. तो चलो देखते हो कुछ ऐसी ही एक अच्छी कहानी. दो मित्र एक दिन साथ कश्मीर घूमने निकले और यात्रा के दौरान चलते चलते निजी बात पे कहा सुनी हो गयी . एक मित्र ने दुसरे को थप्पड़ मार दिया . थप्पड़ खानें वालें मित्र को चौट लगी दुःख भी हुवा लेकिन कुछ बोले बिना वो निचे बैठ गया और रेत पे लिख दिया आज मेरे सबसे अच्छे दोस्त ने मुझे थप्पड़ मारा फिर वो दोनों आगे चलने लगे.

आगे उन्होनें एक जील देखि और उसमे स्नान करने का फैसला किया . स्नान करते समय जिसने थप्पड़ खाया था वो दोस्त पानी मै डूबने लगा तो दुसरे दोस्त ने उसे खिंच के बहार निकाल के बचा लिया . फिर वो जैसे उठा वो एक पथ्थर पे लिखने लगा की आज मेरे सबसे अच्छे मित्र ने मेरा जीवन बचाया तो जिसने अपने मित्र को थप्पड़ मारा था और जान बचाई थी वो उससे पूछने लगा की जब मैंने तुम्हे थप्पड़ मारा तो तुमने रेत पे लिखा लेकिन जब मैंने तुम्हारी जान बचाई तो तुमने पथ्थर पे लिखा ऐसा क्यों ? दुसरे मित्र ने जवाब दिया की जब कोई हमें दुःख पहोचाता है तो उसे रेत पे लिखना चाहियें जिससे जब भी हवा चलेगी तो वो मिट जायेगा लेकिन जब कोई अच्छा काम करता है तो उसे पथ्थर पे लिखना चाहिए जिससे उस अच्छाई को कोई हवा मिटा न सके.

इन्हे भी पढ़े….

कड़वी बहु की कहानी मोटिवेशनल कहानी

जब हो गयी बेटी नाराज

गोलगप्पे की कहानी

तो दोस्तों ये सदा ही याद रखे की जो लोग अपने मन में बुराई को हमेशा साथ रखते है, वो कभी भी एक सफल इंसान नहीं बन पते है. इसलिए हमे सदा ही अपनी बुराइयों को बहार निकालकर सदा ही अच्छाई को अपने मन में स्थान देना चाहिए. अगर आपको कभी भी ऐसा लगे की सामने वाला इंसान बहुत ही बुरा है और उसे आपको सुधारना है , तो कभी भी ऐसा मत कीजियेगा की उसको सुधरने के चक्कर में आप उसकी बुराइयों को अपने अदंर समा लो. इसलिए हमे उसकी बुराई को अपनी अच्छाई से बदलने का प्रयास करना चाहिए.

आपको हमारी ये पोस्ट कैसी लगी, इसके बारे में आप हमे जरूर बताये. धन्यवाद्

loading...

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!