अपनी मृत्यु की भविष्यवाणी

अपनी मृत्यु की भविष्यवाणी Apni mritu ki bhavisywani real life stories

 

हमारा देश पूर्णतः ज्योतिषो और तांत्रिको के बिच फंस कर रह गया है. जिसको भी कोई समस्या होती है तो वो सबसे पहले सीधे ही तांत्रिक, पंडित या फिर किसी ज्योतिषी के पास ही जाता है. तो आज हम आपके सामने ऐसी ही एक कहानी लेकर आये है. जो की इन्ही लोगो से सम्बंधित है. ये किस्सा है एक लडकी के बारे में है जिसने अपनी मौत के 10 साल पहले ही भविष्यवाणी कर दी . कैसे आइये जाने उस लडकी का नाम मालती था और वो बचपन से बहुत होशियार थी . इस लडकी के बारे में आपको इन्टरनेट पर कही पर भी विस्तृत जानकारी नहीं मिलेगी . मालती ने अपने पिता को 1 नवम्बर 1998 को 14 साल की उम्र में एक कविता गिफ्ट में दी थी और यही गिफ्ट हमारी इस कहानी का रहस्य है.

आखिर क्या ऐसा लिखा था उस कविता में जो भविष्य की सच्चाइयो को बयां कर रहा था और वो उसकी जिन्दगी का आखिरी सच बन गया . वो कविता आज भी एक रहस्य ही बनी हुई है. जो की मालती ने लिखी थी. आखो में लिए सपना नए जहाँ का मालती ने अपनी जिन्दगी में केवल यही कविता लिखी थी हालंकि उसे डांस और पेंटिंग का काफी शौक था . मालती अपने पापा और अपनी एक सहेली काव्या को अपना सबसे अच्छा मित्र मानती थी . धीरे धीरे मालती 21 साल की हो गयी . उसके पिताजी उसकी वोही कविता के बारे में सोचकर हमेशा फ़िक्र करते रहते थे . एक दिन काव्या देर रात घर नहीं पहुची तो उसके पिताजी बहुत घबरा गए .

लेकिन कहते है ना होनी को कोई नहीं टाल सकता 19 नवम्बर 2001 को मालती की जिन्दगी में वही मोड़ आ गया और उसके हाथो से लिखी वही कविता , वही आखिरी सच . उसकी गाड़ी उस रात अँधेरे में भटकने से खाई में जा गिरी और वो वो उन्ही कविता के पन्नो के जरिये अपने नए घर में पहुच गयी . उसके पिताजी को फ़ोन के जरिये मालती की मौत की खबर मिली और जिसका उन्हें डर था वोही मंजर उनके सामने खड़ा था . उसके पिताजी से मीडिया वालो ने इस बारे में पूछा तो उन्होंने ये सारा सच बताया और कहा मै भी एक दिन उसके नए घर में जाकर उसके साथ कुछ पल बिताऊंगा कविता लिखते वक़्त क्या मालती जानती थी.

कि वो मरने वाली है या किसी ताकत ने उसका हाथ पकडकर उसकी मृत्यु की तारीख लिख दी थी और हुआ भी बिलकुल वैसे जैसा उसने सात साल पहले अपनी कविता में लिखा था . इस तरह के सवालो के आगे कोई विज्ञान या लॉजिक काम नहीं करता है और हम ये मानने पर मजबूर हो जाते है कि कोई ताकत है कोई शक्ति है जो हमसे ज्यादा जानती है और वो बराबर हमे चेतावनी देती है बस हम नहीं समझ पाते उन इशारो को . ये थी मालती की कहानी , जो की हमे कुछ न कुछ सिख दे गयी.

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