आत्मविश्वास के सहारे जंग जीते जिंदगी की मोरल

आत्मविश्वास के सहारे जंग जीते जिंदगी की मोरल Aatmviswas ke sahare jang jite jindgi ki moral kahani

hindi moral kahani, दोस्तों ये एक मोरल कहानी है, और वो भी जिंदगी से जुडी. आत्मविश्वास की कमी के चलते अब हजारों लोग जिंदगी की जंग हारकर मौत को गले लगा लेते हैं . आत्महत्या की बढती घटनाएं समाज के विविध वर्ग के लोगों के जीवन में बढ़ रही निराशा, संघर्ष करने की घटती क्षमता और जीने की इच्छाशक्ति की कमी की ओर संकेत करती हैं. 2008 में करीब 2850 लोगों ने खुदकुशी की जबकि 2007 में 3199 लोगों ने मौत को गले लगा लिया . बीते छह सालों में अकेले उत्तर प्रदेश में आत्महत्या का औसत 3500 रहा है . मौजूदा समय के भौतिकवादी माहौल ने लोगों की महत्वाकांक्षाओं और अपेक्षाओं को काफी बढा दिया है. अब आदमी के अंदर अच्छा घर, कार और आधुनिक जीवन की सभी सुख सुविधाएं हासिल करने की लालसा बढती जा रही है .

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वह अपने सपनों को जल्द पूरा करना चाहता है . सपने टूटते हैं और अपेक्षाएं पूरी नहीं होती हैं तो आत्मविश्वास की कमी के चलते लोग जिंदगी से मायूस हो जाते हैं . बडी संख्या में युवाओं का जीवन के प्रति मोहभंग होना पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है . देश में हर साल करीब 2400 छात्र परीक्षा के तनाव या फिर फेल होने पर खुदकुशी कर लेते हैं . कभी प्रेम में निराशा मिलने पर तो कभी अर्थिक तंगी या गृहकलह आत्महत्या की वजह बन जाती है . दरअसल, जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए आत्मविश्वास की शक्ति सर्वाधिक आवश्यक है . आत्मविश्वास के अभाव में किसी कामयाबी की कल्पना नहीं की जा सकती है .

आत्मविश्वास के सहारे कठिन से कठिन लक्ष्य को प्राप्त करना भी सरल हो जाता है . राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने आत्मविश्वास के सहारे ही ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष किया . यह उनका आत्मविश्वास ही था जिसके सहारे उन्होंने अहिंसा के रास्ते पर चलकर देश को अंग्रेजों की दासता से मुक्त कराया . आत्मविश्वास शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है-आत्म और विश्वास . यहां आत्मा से आशय अंतर्मन से है . विश्वास का अर्थ भरोसा होता है . वस्तुत: अंतर्मन के भरोसे को ही आत्मविश्वास कहते है ं. आत्मविश्वास मनुष्य के अंदर ही समाहित होता है . आंतरिक शक्तियों को एकीकृत करके आत्मविश्वास को मजबूत किया जा सकता है.

आत्मविश्वास को जागृत करके और मजबूत बनाकर जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता अर्जित की जा सकती है . सत्य, सदाचार, ईमानदारी, सहृदयता आदि मानवीय गुणों को धारण करके आत्मविश्वास का संचार किया जा सकता है . आत्मविश्वास से भरे विद्यार्थी परीक्षा में सफलता प्राप्त करते हैं . रोजगार और व्यवसाय में भी उन्नति के शिखर पर पहुंचने का आधार आत्मविश्वास ही होता है . बडी से बडी समस्या भी उन्हें जिंदगी में आगे बढऩे से नहीं रोक सकती. आत्मविश्वास से दैदीप्य व्यक्तित्व ही समाज को नई दिशा देने में समर्थ होता है . वास्तव में आत्मविश्वास की शक्ति अद्भुत होती है . प्रत्येक मनुष्य को सदैव आत्मविश्वास को मजबूत बनाए रखना चाहिए तभी वह जीवन में उन्नति कर सकता है .

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जिंदगी से मायूस हुए लोगों को ढाढस बंधाने का काम परिजनों अथवा उनके निकट के लोगों को करना चाहिए . बातचीत के माध्यम से निराशाजनक स्थितियों से गुजर रहे मनुष्य के अंदर जीने की इच्छाशक्ति को मजबूत किया जाना चाहिए . विविध प्रेरणादायक प्रसंगों की जानकारी देकर उन्हें जीवन के संघर्ष से घबराने के बजाय मुकाबला करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए . उनके मन से निराशा का अंधेरा छंट गया तो निश्चित रूप से उनमें जीवन के प्रति ललक जागृत होगी . उनमें आत्मविश्वास उत्पन्न होगा तो वह वह भविष्य में जिम्मेदार नागरिक बनकर देश के विकास में अपना योगदान दे पाएंगे . तो दोस्तों आपको ये मोरल कहानी कैसी लगी, इसके बारे में हमे जरूर बताये और साथ ही हमारी इस पोस्ट को लाइक और शेयर जरूर करे. धन्यवाद्

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