इंसान बना एक प्रेत कहानी

इंसान बना एक प्रेत कहानी

Insan bana ek pret kahani real ghost stories in hindi

 

bhoot ki kahani, मैं ‘Pankaj kumar’ आपके सामने लाया हु एक ऐसी कहानी जो की उस इंसान की है जिसकी मृत्यु समय से पहले ही हो गयी थी और वो बना एक प्रेत यानी की भूत. फिर उसके बाद जो हुआ वो आप अपने सपने मैं भी नहीं सोच सकते है. ये कहानी नेपाल के एक गांव की है जेहा पर एक घर मैं चार बेटे माता पिता और उन बेटो की पत्निया भी साथ मैं ही निवास करती थी. सबसे बड़ा बेटा रमेश, फिर राजा , कुणाल और सबसे छोटा विजय. सभी के सभी अपनी खेती से ही गुजरा किया करते थे.

एक दिन की बात है जब सबसे छोटा बेटा विजय एकेला ही रात को अपने खेत पर चला गया क्योकि उन दिनों रात मैं अपने खेतो मैं पानी डालने का काम चल रहा था. तो उसने ही कह दिया अपने सभी भाइयो से की आज मैं ही च जाता हु, कल आप चले जाना. तो वो छे गया.

गांव मैं रात मैं कुछ चोर घुस गया लेकिन कुछ लोगो को इसके बारे मैं जैसे ही पता चला तो उन्होंने शोर हल्ला मचा दिया और वो खेतो मैं भागने लग गए. तभी उनमे से कुछ चोर विजय के खेतो मैं घुस गए , और जब विजय ने उन्हें पकड़ने की कोसिस की तो उन्होंने उसे चाकू मार दिए जिस कारण उसकी मौत हो गयी.

विजय का अंतिम संस्कार तो हुआ लेकिन उसकी आत्मा को तृप्ति नहीं मिली और वो इधर उधर भटकने लग गया. कभी तो वो किसी को खेत मैं दिखता तो कभी किसी को गांव की सरहद पर. क्योकि उसकी आत्मा को शांति नहीं मिल प् रही थी. इसे उसके घर वालो को भी परेशानी होने लेगी थी.

क्योकि कभी कभी तो वो अपने ही घर वालो को भी परेशान करने लग गया था. कभी वो किसी के ऊपर आ जाता तो कभी किसी कोई बीमार कर देता था.

घर वाले कभी किसी पंडित को बुलाते तो कभी किसी मुल्ला मौलवी को बुलाते इसका हल निकलने के लिए. लेकिन कोई भी कुछ नहीं कर पाया और वो प्रेत या भूत या आत्मा सभी गांव वालो को ऐसे ही परेशान करने लेगी. एक दिन तो tab हद ही हो गयी जब उसने गांव की एक नई नवेली दूंलहन को ही परेशान करने लग गया , वो भी कैसे जब भी उसका पति उसके पास आता तो वो उस औरत के अंदर आ जाता और दोनों का मिलन ही नहीं होने देता था.

वो उस के अंदर घुसकर उसी के पति की मार पिटाई करता था. जिस कारण वो दोनों और उसका परिवार अब कुछ ज्यादा ही परेशान होने लगे थे. लेकिन करते भी तो क्या करते इसका हल किसी के भी पास नहीं था. और ऐसा आजीवन ही चलता रहा और पूरा गांव ऐसे ही परेशान होता रहा.

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