कब्रिस्तान में घूमता है ब्लड मेरी का साया

कब्रिस्तान में घूमता है ब्लड मेरी का साया

Kabristan me ghumta hai blood merry ka saya hindi bhoot ki kahani

ब्लड मेरी की सच्ची कहानी, ये बात उस समय की है जब में लगभग पंद्रह साल का था. मै अपने मामा के यहाँ पर स्कूल की छुट्टियों में रहने के लिए गया हुआ था. मेरे मामा जयपुर मै रहते है और मै दिल्ली मै. वैसे तो हर बार मै छुट्टियों मै किसी न किसी हील स्टेशन पर ही घूमने के लिए जाता था अपनी फॅमिली के साथ. लेकिन इस बार मैंने सोचा की क्यों ना इस बार अपने किसी रिस्तेदार के पास जाओ. तो मै चल दिया अपने मामा के यहाँ. मेरे मामा जिस जगह पर रहते है , उनकी सोसाइटी के पास ही एक बहुत ही पुरांना और बंद पड़ा कब्रिस्तान है, जिसका एक नाम भी है “केथोल कब्रिस्तान”. यहाँ पर क्रिश्चियनों को ही दफनाया जाता है. मेरे यहाँ आने से मामा मामी बहुत ही खुस थे.

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हमने शाम को बहुत ही अच्छा डिनर किया और साथ मै देर रात तक लगभग 1.30 तक टीवी भी देखा. मुझे भूतिया फिल्मे देखना बहुत ही पसंद है. मैंने अपने मामा मामी को गुड-नाईट करके सोने के लिए चले गया. जिस रूम मै , मै रात को सो रहा था, उसकी विंडो कब्रिस्तान की और खुलती थी. मुझे अच्छे से याद है की रात के लगभग 3 बजे थे. मुझे कुछ हल्की सी आहट (AAHAT) किसी के पेरो की चलने की सुनाई दी. तो मेरी आंख खुल गयी. मैंने खिड़की के पास जाकर देखा तो कोई भी नहीं था. मै फिर से सो गया. अगली सुबह जब मै उठा तो मैने रात की सारी बात अपने मामा को बताई. तो उन्होंने भी मेरी इस बात को ज्यादा गौर से ना लेकर कहने लगे की “रात को हवा चल रही थी, इसलिए तुझे ऐसा लगा होगा”.

मैंने कहाँ “नहीं मामा ऐसा कुछ नहीं है, रात तो इतनी हवा भी नहीं चला रही थी”. कहने लगे “चल ठीक है , मै अब ऑफिस जा रहा हु तुझसे शाम को मिलता हुआ”. मैंने उन्हें बाय कह दिया और वो चले गए. शाम हुई और हम फिर से एक साथ खाने के लिए बैठ गए. खाना खाया और कुछ देर टीवी देखा और बाद मै सोने के लिए चले गए. आज की रात बहुत ही सर्द थी और साथ ही ठंडी ठंडी हवा भी चल रही थी. ऐसा लग रहा था की मानो ये ठंडी हवा मुझे कुछ कहना चाहती हो. मैं खिड़की खोल के सो रहा था और मेरी नज़र सीधी कब्रिस्तान की और ही थी. हल्की सी रौशनी खम्बे पर जल रही लाइट से आ रही थी और कुछ रौशनी चाँद की थी. कुछ देर देखने के बाद मुझे एक हल्का सा साया नज़र आया. मुझे लगा शायद कोई रात मै घूम रहा होगा. लेकिन भला रात को कब्रिस्तान मै कोंन घूमता है.

जी हाँ, कोई तो है जो घूम रहा है मै कुछ देर तो उसे देखता रहा लेकिन एक पल ही अचानक से वो साया एक जंगह रुक गया और वो मेरी और देखने लग गया. मै ये सोचने लग गया की ये मुझे क्यों देख रहा है. उसकी आंखे लाल थी और आग की तरह मुझे घर रही थी. एक पल मै मैंने जैसे ही अपनी आंख बंद की वो साया अचानक से मेरे सामने खिड़की पर आकर खड़ा होगा. वो एक औरत का साया था, उसके लम्बे बाल थे. उसकी आंखे मुझे घुरर रही थी. मुझे ऐसा लग रहा था की आज मै जिन्दा नहीं बचूगा. उसने जैसी ही मेरी और अपने हाथ बढ़ाये, मै तुरंत ही चिल्ला गया और बेहोश हो गया. जब मेरी अगली सुबह आंख खुली , तो मै अपने रूम मै बेड पर था और मेरे मामा मामी मेरे पास ही बैठे थे. सब मुझ से यही पूछ रहे थे की तुझे क्या हुआ और तू बेड के नीचे कैसे लेटा हुआ था.

मेरा शरीर कैंप रहा था और मुझे बहुत तेज बुखार भी भी हो रहा था, मै ये सब सोच रहा था की अपने मामा मामी को मै क्या बताओ और कैसे बताओ, की मैंने क्या देखा रात को. लेकिन मैंने अपना होश संभाला और रात को अपने साथ घटी सारी घटना के बारे मै सभी लोगो को बताया. तो किसी ने भी मेरी बात पर विश्वास नहीं किया. लेकिन हम सब लोगो के बीच एक इंसान ऐसा भी था , जिसे मेरी बात पर पूर्ण विश्वास था और वो थे मेरे मामा के सामने वाले घर पर रहने वाले किशोर अंकल. उनकी उम्र लगभग 50 के आस पास थी. मेरी बात सुनने के बाद मुझे उनकी (अंकल) की आँखों मै एक खौफ नज़र आ रहा था. वो बहुत कुछ कहना चाहते थे मुझसे, लेकिन इन सभी लोगो के बीच वो चुप खड़े थे और मेरी बात को ध्यान से सुन रहे थे. कुछ देर बाद सभी लोग अपने अपने घर पर चले गए.

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मैंने सोचा क्यों ना आज शाम को मै किशोर अंकल से मिलने जाऊ. तो मै लगभग शाम को 5 बजे अंकल के पास चला गया. उन्हें मैंने अपनी सारी बात बताई. अब उन्होंने मुझसे कहा की ये कोई और नहीं बल्कि “ब्लड मेरी” का साया है. जो आज भी रात को इस कब्रिस्तान मै भटक रहा है. वैसे आज तक ऐसा नहीं हुआ की किसी को कोई भी नुकसान पंहुचा हो. लेकिन एक डायन से तो सभी लोगो को डर कागता है. कई बार तो ऐसा हुआ है की लोगो का हार्ट फेल भी हो चूका है. तो मेरे अंदर ब्लड मेरी की कहानी जानने की इच्छा जाग्रत हुई. मैंने कहा अंकल क्या आप मुझे ब्लड मेरी के बारे मै सारी कहानी बतायेगे. तो उन्होंने कहा बिलकुल. तुम सुनो.

ये बात है लगभग आज से 150 साल पुराणी. शियान नाम की एक महिला इस शहर मै रहती थी. उसे बच्चो से बहुत प्यार था. क्योकि दो बार शादी हो जाने के बाद भी उसको बेबी नहीं हुए थे. इसलिए वो दुसरो के बच्चो को बहुत प्रेम करती थी. एक समय की बात जब शहर मै एक साधु बाबा आये हुए थे, वो जादू टोना किया करते थे और साथ ही छोटे बच्चो की बलि भी चढ़ाया करते थे. वो साधु बच्चो को मारकर उनकी बॉडी को शियान के घर के पास दफना दिया करता था. लोगो मै हाहाकार सा मच गया की इतने कम समय मै इतने सारे बच्चे आखिर मै कहा पर गायब हो गए. सब लोग साधु के पास गए , तो उसने “शियान” की और इशारा किया. सब के सब लोग शियान के घर की और चल दिए. शियान को घर के बाहर बुलाया गया.

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शियान से कहाँ की तुम हमारे बच्चो को मारकर कहा पर छुपा रही हो हमे बताओं. शियान ने सबको समझाया , लेकिन किसी ने भी उसकी बात पर विश्वास नहीं किया. वो रोइ लोगो के सामने गिड़गिड़ाई , लेकिन किसी ने नहीं सुनी. साधु ने एक जंगह इशारा किया और लोगो को कहा की यहाँ पर इसने तुम्हारे बच्चो को मारकर गाड़ दिया है, ये जादू टोना करती है और साथ ही बच्चो की बलि भी देती है. इसे मार डालो. तो लोगो ने साधु की बात मानकर उसी जंगह पर खुदाई शुरू कर दी. लोगो ने खोदना शुरू किया और बच्चो के एक एक करके सारे शव निकलने चालू हो गए. शियान बहुत ही घबरा गयी की ये सब कुछ मेरे घर पर क्या हो रहा है. वो अकेली थी इसलिए अपने आप को बेगुनहा भी शाबित नहीं करा पायी. लोगो ने शक किया और इसी शक के दायरे मै आकर शियान को जिन्दा जला दिया.

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उसकी दर्द भरी चींखों से भी लोगो के मन मै कोई भी रहम नहीं आया. वो चिल्ला चिल्ला कर अंत मै मर गयी. लेकिन वो लोगो को श्राप दे गयी, की आज का बाद आप लोग कभी भी खुश नहीं रह सकते. उस दिन के बाद से यहाँ के लोग कभी भी खुश नहीं रहे वो किसी न किसी परेशानियों से घिरते ही रहते है. इस बात को सुन मेरी तो रूह तक काँप गयी. लेकिन शियान के प्रति मेरी आंखे नम हो चुकी थी. वो दिन है और आज का दिन है. मेरा सामना कभी भी किसी भूत, प्रेत और डायन से नहीं हुआ.

तो दोस्तों आपको मेरी ये ब्लड मेरी की सच्ची कहानी कैसी लगी. इसके बारे मै हमे कमेंट करके जरूर बताये. साथ ही हमारी इस पोस्ट को लाइक और शेयर करना ना भूले. धन्यवाद्

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