जानवरों के काटने पर इलाज

जानवरों के काटने पर इलाज janwro ke katne par ilaj

यदि आपको कबि कोई जानवर काट ले तो उसे कभी भी हलके में नहीं लेना चाहिए, क्योकि कभी कभी ये घाव जान लेवा भी बन सकता है. इसका इलाज तुरंत ही करना चाहिए. जानवरों के काटने से साधारण घाव से लेकर जीवन के लिए खतरनाक संक्रमण तक हो सकता है.

कारण karan

1.सबसे अधिक कुत्ता काटने का मामला आता है.

2.इसके बाद बिल्ली के काटने का मामला आता है.

3.कुत्ते की अपेक्षा बिल्ली के काटने से संक्रमण का खतरा अधिक होता है.

4.अन्य जानवरों में सांप और बंदर का काटना शामिल है.

5.जानवरों के काटने से सबसे अधिक चिंता रैबीज की आशंका की होती है. रैबीज की सर्वाधिक आशंका कुत्ते के काटने से पैदा होती है.

लक्षण lakshan

किसी जानवर के काटने से भले ही त्वचा फटी न हो, यह नीचे की हड्डियों, मांसपेशियों, छोटी नलिकाओं या नसों को दबाने या तोड़ने का कारण बन सकती है. यदि त्वचा फट गयी हो, तो संक्रमण का अतिरिक्त खतरा होता है.

1.घाव के आसपास त्वचा गर्म होना

2.सूजन

3.दर्द

4.मवाद आना

5.छिद्रयुक्त घाव के आसपास त्वचा लाल होना

6.त्वचा में संक्रमण

7.गले की ग्रंथियों में सूजन

8.रैबीज व बिल्ली के खरोंच का बुखार

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तत्काल प्राथमिक उपचार tatkal prathmik upchar

काटे हुए स्थान पर मुंह नहीं लगाना चाहिए. मुंह में बैक्टीरिया होते हैं, जिनसे संक्रमण हो सकता है.

सतही घाव sathi ghaav

सतही घाव के आसपास के इलाके को साबुन-पानी या हाइड्रोजन पेरोक्साइड या अल्कोहल जैसे किसी एंटी सेप्टिक से अच्छी तरह से धोना चाहिए. कोई एंटी बायोटिक मलहम घाव पर लगा कर उसे बिना चिपकनेवाली पट्टी से ढंक देना चाहिए. घाव के आसपास के इलाके पर नजर रखनी चाहिए कि कहीं छोटी नलिकाए या नसों को नुकसान तो नहीं पहुंचा है. घाव में थोड़ी खुजली हो सकती है. घाव एक सप्ताह से लेकर 10 दिन में सूख जाना चाहिए. यदि ऐसा नहीं होता है या यदि छोटी नलिकाओं व नसों के क्षतिग्रस्त होने अथवा संक्रमण के लक्षण दिखाई देते हैं, तो चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए.

हम ये बिलकुल भी नहीं चाहेंगे की आपको किसी भी तरह की कोई भी परेशानी हो, इसलिए हम आपको सदा ही ऐसे घरेलु उचार देना चाहेंगे , जो की आपको अत्यधिक लाभ दे. ताकि आप एलोपेथी दवाईयों का इस्तेमाल कम से कम करे. क्योकि एलोपेथी दवाईयां हमारी बीमारी को तो ठीक कर देती है लेकिन ये हमारे शरीर को काफी मात्रा मैं नुकसान भी पहुँचती है. इसलिए हमे इन दवाइयों को ज्यादा से ज्यादा अवाइएड करना चाहिए यानि की कम से कम ही इन्हे खाना चाहिए. तो दोस्तों आपको हमारे द्वारा बताती गयी जानकारी किसी लगी हमे जरूर बताये.

ताकि हम आपको अधिक से अधिक जानकारिया उपलब्ध कराये. ये जो उपचार हमने आपको बताये है, ये आपके लिए काफी फायदेमंद है, लेकिन हम आपसे ये अनुरोध करते है की जो कुछ भी जानकारी हमने आपको दी है. उसे अपनी लाइफ मैं इस्तेमाल करने से पहले कम से कम एक बार हम ये चाहेंगे की आप अपने डॉक्टर की सलहा जरूर ले क्योकि हमे नहीं पता है की आपकी बॉडी यानी की आपका शरीर घरेलु उपचारो को अब्सॉर्वे करता है या नहीं करता है. इसलिए इन्हे प्रयोग करने से पहले एक बार अपने नजदीकी या फिर अपने घरे डॉक्टर की रॉय जरूर ले.

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