जीवन का खेल एक कविता मोरल

जीवन का खेल एक कविता मोरल Life play a poem, short kavita in hindi

Bachho ki kavita hindi me, मेरे प्यारे बच्चो आपने बहुत सी कविताये सुनी और पढ़ी होगी. लेकिन क्या आपने कभी जीवन से सम्बंधित कोई कविता सुनी है. जी हां में आज आपको जीवन के खेल की एक कविता सुनाने जा रहा हु, जो की आपको बहुत कुछ सिखाएगी. क्योकि कुदरत हमारी सबसे बड़ी शिक्षिका होती है. इस कविता में एक छोटी सी चिड़िया बिना किसी के कुछ सिखाये कैसे इतना सब कुछ सिख लेती है. तो चलिए चलते है अब इस कविता की और.

|| कविता ||

चिड़िया का ची-ची बतियाना,
में कुछ समझ पाऊ ||

कुदरत का यह खेल निरल,
कैसे तुमको समझाऊ ||

फुदक फुदक चिडियो को चलना,
कौन भला सिखलाता |
बीन-बीन क्र दाने चुगना,
कौन इन्हे बतलाता ||

चिथड़े कागज तिनके लकार,
सुघड़ घोसले बनाना |
धागे, सुतली कतरन ला फिर,
उसमे आप बिछाना ||

अंडे देकर बड़े जतन से,
उनको तब तक सहना |
बच्चे निकले जब अंडो से,
ढूंढ चबेना देना ||

माँ का प्यार , पिता का रक्षक,
बनना कोंन सिखाता |
उनका यह संसार निराला,
कौन भला रच जाता ||

बहुत सोचकर मैंने पाया,
उत्तर यह सब एक |
प्रकृति हमे सिखला देती,
जीवन के खेल अनेक ||

तो दोस्तों आपको ये जीवन के कुछ गुण सिखाने वाली एक छोटी सी कहानी कैसी लगी. इसके बारे में आप हमे जरूर बताये. साथ ही आप हमारी इस पोस्ट को लाइक और शेयर करना ना भूले. धन्यवाद्

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