मासपेशियो को मजबूत बनाने के आसान उपाय

मासपेशियो को मजबूत बनाने के आसान उपाय maspesiyo ko majbut banana ke aasan upay, health tips in hindi

बीमारियों के कारण या फिर सही तरह से खान पान न होने के कारण हमारे शरीर की मासपेशिया बहुत ही कमजोर होती चली जाती है. जिस कारण से हम कई तरह की बीमारियों से ग्रसित हो जाते है. इसलिए हमे अपने शरीर को फिर रखने के लिए अपने शरीर को बीमारी मुक्त रखना होगा. मासंपेशियों को आधुनिक अंगमर्दक चिकित्सा के द्वारा लचीला बनाने के लिए सबसे पहले यह जानने की जरूरत है.

शरीर में मांसपेशियों के कितने प्रकार होते हैं. मनुष्य के शरीर में जितना भार होता है उसका लगभग 45: भाग मांसपेशियों का होता हैं और ये मांसपेशियां तीन प्रकार की होती है. गुरूत्वाकर्षण के प्रति कुछ प्रतिरोध के साथ सारी गतिशीलता होती है.

मांसपेशियों की थकान की अवस्था Maspesiyo ki thakan ki awastha

जब मांसपेशियां गतिशील तथा तनावग्रस्त होती हैं तो इन मांसपेशियों में थकानशील तत्वों की मात्रा बढ़ जाती हैं जिसके कारण मांसपेशियों के तन्तु कड़े हो जाते हैं और मांसपेशियां सिकुड़ नहीं पाती जिसके फलस्वरूप व्यक्ति को थकान का अनुभव होता है. इस थकावट के कारण खून तथा लसिका में प्रभाव कम हो जाता हैं तथा शरीर का पोषण भी अपर्याप्त हो जाता है.

यदि इन मांसपेशियों का कड़ापन जल्दी ठीक न हुआ या जल्दी इसका इलाज न किया जाए तो शरीर की नाड़ियां कमजोर हो जाती हैं. जिसके कारण अतं:स्रावी अंग तथा आंतरिक अंग प्रभावित हो जाते हैं और शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है. इस प्रकार की मांसपेशियों के कड़े हो जाने की अवस्था को आधुनिक अंगमर्दक चिकित्सा से ठीक किया जा सकता है.

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शरीर में मांसपेशियों के प्रकार

1.कोमल मांसपेशियां

ये मांसपेशियां अनैच्छिक कही जाने वाली मांसपेशियां होती हैं तथा ये सिकुड़ती और फैलती रहती है. इन मांसपेशियों के तन्तु छोटे तथा धारी के साथ रहते हैं.

2.हृदय मांसपेशी

ये मांसपेशी अनैच्छिक धारीदार तथा अधिक शक्तिशाली होती हैं.

3.धारीदार मांसपेशियां

ये मांसपेशियां अस्थिपंजर को जोड़ने का कार्य करती हैं तथा ये पेशियां हलचल, स्थिति तथा मुद्रा को बनाए रखती है. इन मांसपेशियों को स्वैच्छिक मांसपेशी भी कहते हैं क्योंकि इन मांसपेशियों का इच्छा के अनुसार संचालन किया जा सकता हैं. ये पेशी धारीदार ढर्रे के रूप में होती हैं तथा इनमें स्थित पेशी संकोच के कारण ही शरीर को वांच्छित स्थिति में रखा जा सकता है. शरीर में इन पेशियों की संख्या 400 होती हैं. जब कोई मनुष्य नींद की अवस्था में होता है तो उसकी इन पेशियों में सिकुड़न बनी नहीं रहती है. इसलिए जब मनुष्य बैठ के ऊंघता है तो उस मनुष्य का सिर दाएं-बाएं लुढ़कता रहता है.

हम ये बिलकुल भी नहीं चाहेंगे की आपको किसी भी तरह की कोई भी परेशानी हो, इसलिए हम आपको सदा ही ऐसे घरेलु उचार देना चाहेंगे , जो की आपको अत्यधिक लाभ दे. ताकि आप एलोपेथी दवाईयों का इस्तेमाल कम से कम करे. क्योकि एलोपेथी दवाईयां हमारी बीमारी को तो ठीक कर देती है लेकिन ये हमारे शरीर को काफी मात्रा मैं नुकसान भी पहुँचती है. इसलिए हमे इन दवाइयों को ज्यादा से ज्यादा अवाइएड करना चाहिए यानि की कम से कम ही इन्हे खाना चाहिए. तो दोस्तों आपको हमारे द्वारा बताती गयी जानकारी किसी लगी हमे जरूर बताये.

ताकि हम आपको अधिक से अधिक जानकारिया उपलब्ध कराये. ये जो उपचार हमने आपको बताये है, ये आपके लिए काफी फायदेमंद है, लेकिन हम आपसे ये अनुरोध करते है की जो कुछ भी जानकारी हमने आपको दी है. उसे अपनी लाइफ मैं इस्तेमाल करने से पहले कम से कम एक बार हम ये चाहेंगे की आप अपने डॉक्टर की सलहा जरूर ले क्योकि हमे नहीं पता है की आपकी बॉडी यानी की आपका शरीर घरेलु उपचारो को अब्सॉर्वे करता है या नहीं करता है. इसलिए इन्हे प्रयोग करने से पहले एक बार अपने नजदीकी या फिर अपने घरे डॉक्टर की रॉय जरूर ले.

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