शहद की कहानी किड्स स्टोरी हिंदी

शहद की कहानी किड्स स्टोरी हिंदी Story of honey Kids Story hindi

Bachho ki kahani hindi me, शहद कैसे बनता है और किस तरह से ये हमारे लिए लाभकारी साबित होता है. शहद बनने की प्रक्रिया और इसे घरेलू उपाय बहुत ही रोचक है. दादी और नानी के घरेलु नुस्खों में शहद का बीहट ही बड़ा रोल होता है. इसके बारे में कविता की नानी ने कुछ इस तरह से बताया है. क्योकि एक बार कविता बहुत बीमार हो गयी और ताब उसकी नानी ने उसे शहद के नुस्खों द्वारा ही उसे ठीक किया था. तो कैसे बने ये नुस्खे शहद के, आये जाने……

एक समय की बात है एक बार कविता जब शाम को पार्क में खेलकर घर पहुंची, तो उसके गले में बहुत तेज दर्द हो रहा था. साथ ही उसकी नाक और आंख से भी पानी टपक रहा था. नाक तो बिलकुल लाल हो चुकी थी. कविता को खाने में कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा था. ऐसा लग रहा था की कविता को सर्दी जुखाम हो गया था. जिस कारण से उसने रात का भी भोजन नहीं किया था. रात काफी हो चुकी थी और नजदीक के सभी डॉक्टरों का क्लिनिक भी बंद हो चुके थे. इसलिए रात में कविता को कही दूर बिमारी में ले जाना उसके माता पिता को बिलकुल भी ठीक नहीं लगा.

कविता की खासी और जुखाम के कारण बुरी हालत होती जा रही थी. उसे रुक रुक कर खासी हो रही थी और वो जो भी रुमाल अपने पास रख रही थी, वो भी थोड़ी ही देर में ख़राब होता जा रहा था. यह सब देख नानी ने कविता को अपने कमरे में बुलाया. थोड़ी ही देर बाद नानी ने कविता की माँ सुलेखा को आवाज दी और अपने कमरे में थोड़ी सी अदरक और काली मिर्च पीसकर लाने को कहाँ. कुछ ही देर बाद कविता की माँ अदरक और काली मिर्च को पीसकर नानी यानि की अपनी माँ के कमरे में ले आयी.

ये सब कुछ देख कविता रोने लग गयी और कहने लगी की “ये सब में नहीं खाओगी”. नानी ने कहाँ “कविता बेटा आपको मिर्च बिलकुल भी नहीं लगेगी, तुम खाकर तो देखो”. ये सब कह नानी ने अपनी अलमारी से एक शीशी निकाली. कविता ने पूछा “नानी ये क्या है”. नानी ने बताया “बेटा ये शहद है”. कविता “ये शहद क्या होता है नानी”.

नानी ने कहाँ “ये मधुमख्किया के छतते से मिलता है”. कविता ने फिर पीछा “नानी, मधुमख्किया शहद कहाँ से लती है”. नानी बोली ” शहद फूलो का मीठा रस होता है. मधु मख्किया फूलो से रस इकठ्ठा करती है और उसी से शहद बनाती है. शहद ही इनका भोजन होता है. इसे इकठ्ठा करने के लिए ये दूर-दूर तक घूमकर फूलो की खोज में चक्कार लगाती है. कविता क्या तुमने कभी इन्हे फूलो पर मंडराते हुए नहीं देखा है”.

कविता बोली “हां नानी मैंने इन्हे देखा है”.

“मधु मख्किया बहुत ही ज्यादा मेहनत करती है, बड़ी कारीगिरी से अपना छतता बनाती है. इनके छत्ते में 6 कोनो वाले बहुत ही सारे छोटे छोटे खाने होते है. जिनमे ये अपना शहद इकठ्ठा करती है. मधु मख्कियो में एक सबसे ख़ास मधु मख्खी होती है, जिसे रानी मखी कहाँ जाता है. मद्धू मख्कियो के छतते से शहद भी मिलता है. और साथ ही मोम भी. शहद हमारे लिए बीहट ही लाभदायक होता है. इससे बहुत सारी दवाइया भी बनाई जाती है. यदि िका सेवन गुनगुने पानी के साथ किया जाता है , तो खाना अच्छी तरह से पच जाता है”.

ये सब बात बताकर नानी ने पइसे हुए अदरक और काली मिर्च में शहद मिलाया और कविता को खिला दिया. कविता को इसका स्वाद बड़ा ही अच्छा लगा और वह रातभर अच्छी तरह से सो स्की.

तो दोस्तों शहद हमारे जीवन के लिए कितना महात्वपूर्ण होता है और किस तरह से यी बनता हाउ और इसका प्रयोग कैसे किया जाता है. इसके बारे में हमने आपको इस छोटी सी कहानी के माध्यम से बता दिया है. तो अगर आपको ये कहानी अच्छी लगी हो तो इसे लाइक और शेयर करना ना भूले. धन्यवाद्

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