शिलाजीत के फायदे

शिलाजीत के फायदे

Shilajit ke fayde hindi me

दोस्तों आज हम आपको शिलाजीत के बारे में जानकारी देंगे. शिलाजीत बहुत से रोगो में फायदा पहुँचता है. शिलाजीत सदियों से शारीरिक और मानशिक ताकत के लिए मेडिसिन के रूप में बहुत इस्तेमाल किया जाता है. शिलाजीत पथर के रूप में पाया जाता है. शिलाजीत को आयुर्वेद में ईश्वर का अमृत माना जाता है. शिलाजीत गर्मियों के मौसम में पहाड़ो से तेज किरणों के कारन बहकर निकलता है और जम जाता है. तत्पश्चात इसे इकठ्ठा कर लिया जाता है. तो आये जाने अब शिलाजीत के बारे में.

शिलाजीत के गुण Shilajit ke gunn

1. रजत शिलाजीत पित्त तथा कफ के विकारों को खत्म करता है.

2. स्वर्ण शिलाजीत वात और पित्तजनित बीमारियों के लिए असरदार है.

3. लौह तथा ताम्र शिलाजीत कफ से हुए रोगों के इलाज के लिए कारगर दवा है.

4. आमतौर पर शिलाजीत शारीरिक कमजोरी, यौन दुर्बलता, मोटापा, डायबिटीज, सांस से संबधित रोग, मिर्गी, बवासीर और सजून के इलाज के लिए दवा के रुप में इस्तेमाल किया जाता है.

5. शिलाजीत को इंडियन वियाग्रा (Indian Viagra) भी कहा जाता है. इसके सेवन से शारीरिक कमजोरी तो दूर होती ही है, यौन शक्ति बढ़ाने में यह सबसे असरदार दवा है.

6. रोग प्रतिरोधी क्षमता को मजबूत बनाता है

7. सांस संबंधी बिमारियों में

8. कफ को खत्म करने में

9. गठिया और जोड़ों के दर्द में

10. सूजन को कम करने में

11. दिल को सेहतमंद बनाने में

12. पेशाब और किडनी की बीमारी में

13. एनिमिया के इलाज में

14. अल्सर को कम करने में

15. अल्जाइमर

16. पीलिया

शिलाजीत के पोषक तत्व Shilajit ke poshak tatv

शिलाजीत में काफी मात्रा में फुलविक एसिड पाया जाता है. इस एसिड के कारण ही इसमें सारे पोषक तत्व घुल जाते हैं. इसके अलावा शिलाजीत में कई विटामिन, मिनरल्स और ट्रेस मिनरल्स कुदरती रुप में पाए जाते हैं और इसमें काफी मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट के गुण भी पाए जाते हैं. अगर केमिकल कंपाउड की बात करें तो इसमें ऐसे कई रासायनिक संघटक है जो हमारी सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद हैं. इसे कभी भी कच्चे पत्थर के रुप में नहीं खानी चाहिए. इसे पहले संशोधित किया जाता है और इसके पाउडर और कैप्सूल बनाए जाते हैं.

शिलाजीत के फायदे Shilajit ke fayde

1. एंटी एजिंग

शिलाजीत के सेवन से एजिंग की प्रक्रिया धीमी हो जाती है. अगर आप समय से पहले बूढ़े या थके-थके नजर आ रहे हैं तो शिलाजीत का सेवन करें. इसमें 85 फीसदी से ज्यादा मिनरल्स पाए जाते हैं जो बिमारियों को दूर भगाते हैं और रोग प्रतिरोधी क्षमता को मजबूत करते हैं. यह हड्डियों में कैल्शियम बनाकर हड्डियों को मजबूत बनाती है.

2. यौन शक्तिवर्द्धक

शिलाजीत को इंडियन वियाग्रा कहा जाता है. शीघ्र स्खलन (Early Ejaculation) और ऑर्गेज्म (Orgasm) सुख से वंचित लोगों में यह कामोत्तेजना बढ़ाने का काम करता है. सदियों से आयुर्वेद में शिलाजीत को यौन शक्ति वर्द्धक दवा के रुप में इस्तेमाल किया जा रहा है. यह पुरुषों में वीर्य की संख्या बढ़ाता है और सेक्स हार्मोन को भी नियंत्रित करता है.

3. तनाव और मानसिक थकावट

शिलाजीत के सेवन से नर्वस सिस्टम सही से काम करता है. मानसिक थकावट, अवसाद, तनाव और चिंता से लड़ने के लिए शिलाजीत का सेवन करना चाहिए. इससे स्मरण शक्ति भी बढ़ती है, किसी भी काम करने में मन लगता है. दिमागी ताकत के लिए प्रतिदिन एक चम्मच मक्खन के साथ शिलाजीत का सेवन लाभदायक होता है .

4. दिल के सेहत का भी रखता ख्याल

शिलाजीत दिल के सेहत के लिए भी अच्छा है. दिल के साथ-साथ यह रक्त चाप को भी नियंत्रित करता है.

5. पाचनतंत्र के लिए

शिलाजीत शरीर के पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है. इसके सेवन से अपच, गैस, कब्ज और पेट के दर्द जैसी बिमारियां खत्म होती हैं.

6. किडनी और अंत:स्राव ग्रंथि

शिलाजीत के सेवन से किडनी, पैनक्रियाज और थायराइड ग्लैंड भी सही से काम करते हैं. यह ब्लड सर्कुलेशन के लिए भी अच्छा है.

7. डायबिटीज

इसके सेवन से डायबिटीज भी कंट्रोल में रहता है. यह रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है और शरीर से हानिकारक टॉक्सिंस बाहर निकालने का काम करती है.

साइड इफेक्ट्स Side effect

1. चिकित्सकों के अनुसार शिलाजीत का सेवन बारह रत्ती से दो रत्ती के बीच ही करना चाहिए. मात्रा का निर्धारण रोगी की शारीरिक स्थिति उसकी आयु और उसकी पाचन शक्ति को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए.

2. शिलाजीत का सेवन दूध और शहद के साथ सुबह सूयोर्दय से पहले कर लेना चाहिए. इसके ठीक प्रकार पाचन के बाद अर्थात तीन-चार घंटे के बाद ही भोजन करना चाहिए.

3. जो मरीज गंभीर गठिया से ग्रस्त हों उन्हें शिलाजजीत सेवन से बचना चाहिए. ऐसे मरीजों को शिलाजीत के सेवन से खून में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाने का खतरा रहता है.

4. गर्भवती और स्तनपान कराने वाली औरतों को भी इसके सेवन से परहेज करना चाहिए.

5. कभी-कभी शिलाजीत के सेवन से एलर्जी, दिल की धड़कन तेज और उल्टी भी होती है.

हम ये बिलकुल भी नहीं चाहेंगे की आपको किसी भी तरह की कोई भी परेशानी हो, इसलिए हम आपको सदा ही ऐसे घरेलु उचार देना चाहेंगे , जो की आपको अत्यधिक लाभ दे. ताकि आप एलोपेथी दवाईयों का इस्तेमाल कम से कम करे. क्योकि एलोपेथी दवाईयां हमारी बीमारी को तो ठीक कर देती है लेकिन ये हमारे शरीर को काफी मात्रा मैं नुकसान भी पहुँचती है. इसलिए हमे इन दवाइयों को ज्यादा से ज्यादा अवाइएड करना चाहिए यानि की कम से कम ही इन्हे खाना चाहिए. तो दोस्तों आपको हमारे द्वारा बताती गयी जानकारी किसी लगी हमे जरूर बताये.

ताकि हम आपको अधिक से अधिक जानकारिया उपलब्ध कराये. ये जो उपचार हमने आपको बताये है, ये आपके लिए काफी फायदेमंद है, लेकिन हम आपसे ये अनुरोध करते है की जो कुछ भी जानकारी हमने आपको दी है. उसे अपनी लाइफ मैं इस्तेमाल करने से पहले कम से कम एक बार हम ये चाहेंगे की आप अपने डॉक्टर की सलहा जरूर ले क्योकि हमे नहीं पता है की आपकी बॉडी यानी की आपका शरीर घरेलु उपचारो को अब्सॉर्वे करता है या नहीं करता है. इसलिए इन्हे प्रयोग करने से पहले एक बार अपने नजदीकी डॉक्टर की रॉय जरूर ले. धन्यवाद

loading...

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!