सुनी अनसुनी बाते घोस्ट कहानी हिंदी में

सुनी अनसुनी बाते घोस्ट कहानी हिंदी में

Suni ansuni baate ghost kahani hindi

हमारे आस पास होती है कुछ ऐसी चीज़े जिनको हम महसूस तो कर सकते है पर देख नहीं सकते, उनको आप क्या बोलते है ?

भूत, प्रेत, साया, वहम, आँखों का धोका कुछ भी जो था पर नज़र नहीं आया,मन तो मान लेता है की कुछ था, पर दिमाग जिसने पढाई की होती है , जो साइंस को मानता  है , वो इन चीज़ो को नहीं मानता, तो आज हम बात कर रहे है कुछ ऐसी चीज़ो की जो होकर भी नहीं होती और नहीं होकर भी कही न कही हमारे बीच होती है

राजस्थान में एक छोटा सा गाओं है पीपल पूरा वही का किस्सा है ये . पीपल पूरा में करीब 50 घरो का बसेरा है, हर घर में एक डर बैठा हुआ है, की गाओं के बहार शाम 6 बजे के बाद बहार नहीं जाना वार्ना कुछ ऐसा हो जाता है जो बहुत भयानक होता है, जिससे आदमी अपनी सूद खो देता है, जिससे अपने घर वालो को नहीं पहचानता और धीरे धीरे पागल होता चला जाता है, ओर धीरे धीरे मर जाता है,पूछा जाता है तो किसके साथ हुआ ये हादसा तो किसी का नाम लेता है तो कोई किसी का. बस सदिओं से ये कहानी चली आ रही है , तो आज आपको आपबीती सुना रही हूँ दोस्तों , जिन बातो को दिमाग न माने पर दिल मान ले.

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किस्सा है पीपल पूरा गाओं का मई 2012 का जब सुनीता अपनी सहेली सुमन की शादी में अपने पापा के साथ  उसके गाओं पीपल पूरा राजस्थान जाती है, सुनीता पहली बार राजस्थान जा रही है, पढ़े लिखे परिवार से होने के कारन सुनीता भूत प्रेत जैसी बातो को सच नहीं मानती, साइंस के ज़माने में जीने वाली सुनीता पहुंच जाती है , पीपल पूरा गाओं में जहा आज भी लोग ६ बजे  के  बाद घर से बहार नहीं निकलते.

शादी  वाले घर में जाकर सुनीता बहुत खुश होती है, पापा तो बढ़ो में वयस्थ हो जाते है और सुनीता भी अपनी सहेली में और उसके शादी के रीती रिवाजो वयस्थ हो जाती है, अचानक सुनीता के मन गाओं घूमने का विचार आता है , तो वो सुमन की छोटी बहन रीती के साथ गाओं घूमने चल देती है, शाम 4 बजे दोनों दिन ढले  निकलने का प्रोग्राम बनाते है घर से बाहर निकलते ही सुमन के पापा सामने आते है और पूछते है कहाँ जा रहे हो ?

सुनीता बोलती है अंकल गाओं घूमने तो सुमन के पापा रीती को डाट लगाते है,सुनीता को यहाँ का नहीं मालूम पर तू तो जानती है ना शाम 6 बजे से बहले घर आ जाना , रीती हां बोलकर सुनीता को साथ लेकर निकलने लगती है की अचनाक एक ऑन्टी सामने आ जाती है ,वो  सुमन की ताई जी थी , उनका भी  यही सवाल  था की ,कहाँ  जा रही हो और 6 बजे से पहले घर आ जाना , सुनीता को कुछ समझ नहीं आ रहा था एक और नई चीज़ सुनीता के सामने आई ही थी, की  सुमन की ताई जी माचिस की डिबिया लेकर सुनीता और रीती के हाथ में रख कर बोलती है साथ में रखो  काम आएगी.

चलो जी घर से बहार निकल तो गए हम पर कुछ था जो मेरे मन को सता रहा था की शाम  ६ बजे के बाद क्या होता वो देखना तो ज़रूरी है, ऐसा क्या जो 6 बजे तक  बाहर नहीं रह सकते हम, सुनीता रीती से बहुत बढ़ी  थी और तेज़ भी उसको जानना था शाम 6 बजे के बाद क्या होता है , रीती को बातो में उलझा कर दूर तक निकल गए दोनों , ताकि वापस आने में समय लग जाये और आते आते 7 बज जाये, अब क्या था माचिस की डिबिया भी सुनीता ने फेक दी.

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रस्ते में चलते चलते खेतो के पास एक कुआँ था सुनीता ने कुआँ देखने की बात की, पर रीती ने मना  कर दिया बोला यहाँ तो चुड़ैल रहती है , वहाँ नहीं जाना , पर सुनीता वहाँ गई और कुछ नहीं हुआ , उसके बाद दोनों वापस घर की ओर चल दिए, पर अचानक सुनीता को लगा की कोई उसके साथ चल रहा है पर नज़र नहीं आ रहा , सुनीता घबरा गई पर कोई नज़र नहीं आया , रीती ओर सुनीता भागने लगे ओर करीब 7 बजे तक घर पहुंचे , घर पर सब लोग बोलने लग गए तुम कहा रह गे थे , इतना टाइम कहा लगा , बहुत सारी बाते ,उस टाइम तो सब संभाल लिया था ,सुनीता ओर रीती ने .

पर उनको मालूम था कुछ तो ऐसा था जो उनका पीछा कर रहा था , दोनों की आँखों में डर था पर दिमाग नहीं मान रहा था , शादी अच्छे से हो गई, ओर सुनीता वापस दिल्ली शहर लौट आई, पर कुछ टाइम बात सुनीता के पास सुमन का फ़ोन आता है ओर वो अपनी बहन रीती की मौत की खबर सुनीता को बताती है, सुनीता ये खबर सुनकर दंग रह जाती है की की कोई हष्ट पुष्ट आदमी अचनाक कैसे मर सकता है, फिर सुनीता को 6 बजे के बाद की सच्चाई पर विश्वास होने लगता है.

पर दोस्तों उस गाओं में कुछ तो ऐसा था जो आज तक दिमाग तो नहीं मानता पर मन मानने लगा है.

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