सेक्स के संबंध में सम्पूर्ण जानकारी हिंदी

सेक्स के संबंध में सम्पूर्ण जानकारी हिंदी sex se related jankari, sex tips in hindi

“Kya aap jante hai”, लोगो का ऐसा मानना है की जब कोई कपल रोजाना एक ही क्रिया या फिर एक ही तरह से सेक्स क्रिया को अंजाम देते है तो वो बार बार एक जैसी पोजीशन से बोर हो जाते है और कभी कभी उनकी सेक्स लाइफ भी नीरस हो जाती है. इसलिए हमे बार बार अपनी सेक्स करने की पोजीशन को चेंज करते रहना चाहिए. सेक्स क्रिया के दौरान अगर महिला-पुरुष के ऊपर रहे तो इससे पुरुष जल्दी स्खलित नहीं होता है. ऐसे ही अगर पुरुष ज्यादा थका हुआ हो तो एक-दूसरे के सामने लेटकर सेक्स करने का आसन अच्छा रहता है.

महिला की जांघों को पूरी तरह से फैलाकर उसके नितंबों के नीचे तकिया लगाकर सेक्स करने से पुरुष का लिंग योनि में काफी गहराई तक पहुंच जाता है. लिंग के योनि में प्रवेश करने के बाद अगर महिला अपनी टांगों को सिकोड़ लेती है तो महिला-पुरुष दोनों की जननेंद्रियों को ज्यादा उत्तेजना ज्यादा प्राप्त होती है. ज्यादातर महिलाओ को पुरुष के ऊपर लेटकर सेक्स करने से ज्यादा यौनसुख मिलता है क्योंकि इस आसन में लिंग का महिला की योनि के साथ सीधा संपर्क रहता है.

इस आसन में महिला को हिलने-डुलने की भी पूरी आजादी रहती है और उत्तेजना भी बहुत ज्यादा मिलती है. महिला को अगर गर्भधारण कराना हो तो उसके नितंबों के नीचे तकिया लगाकर घुटनों को वक्षस्थल स्थिति में रखना चाहिए ताकि वीर्य ज्यादा से ज्यादा से महिला के गर्भाशय में जा सके. अगर महिला गर्भवती हो तो अगल-बगल लेटकर या गुदामैथुन वाला या फिर पुरुष के ऊपर महिला के लेटने वाला आसन ज्यादा अच्छा रहता है.

कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सेक्स के बारे में Some fact for sex

1.फर्स्ट टाइम सेक्स रेलशन बनाते समय घबराना First time sex relation banate samy ghabrana

बहुत से पुरुष ऐसे होते हैं जिनकी शादी होने वाली होती है लेकिन वह इस बात से चिंतित रहते हैं कि हमें सेक्स संबंध बनाने के बारे में जानकारी नहीं है, मैं कहीं पत्नी के सामने पहली रात में ही फेल न हो जाऊं. ऐसे लोगों को सबसे पहले महिला के शरीर की रचना के बारे में जानकारी होना जरूरी है. महिला की शारीरिक रचना के अनुसार उसके शरीर में तीन द्वार होते हैं- योनिद्वार, गुदाद्वार, मूत्रमार्ग. महिला का मूत्रमार्ग इतना तंग होता है कि उसके अंदर छोटी उंगली भी घुस नहीं सकती है. उसका गुदाद्वार पीछे की तरफ तथा नीचे होता है.

इन दोनों के बीच में सिर्फ एक ही जगह बचती है और वह है योनिद्वार. जिन पुरुषों को सेक्स संबंधों का नाम सुनते ही घबराहट होने लगती है उन्हें सेक्स करते समय महिला की योनि को ढूंढने की कोशिश न करके अपना पूरा ध्यान सेक्स करने से पहले होने वाली काम-क्रीड़ाओं पर लगाना चाहिए. लिंग के उत्तेजित होने पर बाकी का सारा काम पत्नी के ऊपर छोड़ देना चाहिए क्योंकि महिला जानती है कि लिंग को कहां पर प्रवेश कराना है.

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2.हस्तमुथैन से लिंग का टेड़ा मेड़ा होना Hastmuthen se ling ka teda meda hona

बहुत से लोग सोचते हैं कि उनकी हस्तमैथुन करने की आदत से उनका लिंग टेढ़ा-मेढ़ा हो सकता है इसी कारण वह शादी करने से भी डरते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि शादी के बाद वह अपनी पत्नी के साथ सेक्स करने में असफल साबित होंगे. लिंग जब उत्तेजित होता है तो उस समय वह बिल्कुल सीधा नहीं रहता है. शिश्न का दाईं या बाईं तरफ झुकना साधारण बात है. इस टेढ़ेपन के कारण सेक्स करते समय लिंग के योनि में प्रवेश करने में कोई दिक्कत नहीं होती है.

3.हिजड़ो में सेक्स की इच्छा का होना Hijdo me sex ki iccha ka hona

अक्सर किन्नरों को देखकर बहुत से लोगों के मन में सवाल पैदा होता है कि क्या उनके मन में कभी सेक्स करने की इच्छा नहीं होती है. ऐसे लोगों को इस सवाल का जवाब देना जरूरी है कि वह भी साधारण पुरुष या महिला की तरह ही साधारण जिंदगी व्यतीत करें. उनकी सेक्स क्रियाएं सामान्य पुरुष की ही तरह होती हैं लेकिन उनको महिला के रूप में अपनी पहचान बनाना ज्यादा स्वाभाविक लगता है. ज्यादातर किन्नरों का यौनांग बधिया किया हुआ होता है और वह समलिंगी होते हैं. जिन किन्नरों का बधिया नहीं किया होता वह द्विलिंगी भी होते हैं.

4.स्पर्म क्या होता है Sperm kya hota hai

कोई भी पुरुष जब किसी महिला के साथ सेक्स करता है तो उस समय उसके लिंग से एक एक द्रव सा निकलता है इसे ही वीर्य कहते हैं. शुक्राणु इस वीर्य का मुख्य तत्त्व होते हैं. बाकी द्रव पुरुष की अलग-अलग यौन ग्रंथियों का रस होता है. लिंग से बाहर निकलने के समय सारे द्रव एक साथ मिलकर वीर्य का रूप धारण कर लेते हैं.

5.मासिकधर्म के दौरान महिलाओ का स्नान न करना Masikdhram ke doran mahilao ka bath na karna

अक्सर देखा जाता है कि स्त्रियां मासिकधर्म आने के दौरान स्नान नहीं करती है इसका कोई उचित कारण नहीं होता है. असल में इस समय महिला के शरीर की सफाई खासकर योनि प्रदेश की जरूरी होती है. इसके पीछे यह कारण माना जाता है कि मासिकधर्म आने के दौरान महिलाओ के शरीर में थकान ज्यादा रहती है, उनका पूरा शरीर पूरा दिन टूटा-टूटा सा रहता है और उनमें किसी भी काम को करने की इच्छा नहीं रहती है. इसी कारण से महिलाओ में स्नान करने की इच्छा भी समाप्त हो जाती है. वैसे मासिकधर्म के दौरान योनि प्रदेश की सफाई जरूरी होती है और इसीलिए इस समय स्नान करना बहुत जरूरी है लेकिन ज्यादा ठंडे पानी से स्नान नहीं करना चाहिए.

6.योनि की झिल्ली Yoni ki jhilli

महिला का योनि मुख भीतरी भगोष्ठों से निचले सिरे पर होता है. कुमारीच्छद इसी योनि मुख को ढके रहती है. जिन लड़कियों की शादी नहीं होती है उनका योनि मुख पूरी तरह से ढका नहीं रहता है. इस झिल्ली में इतना रास्ता होता है कि उसमें छोटी उंगली प्रवेश कर सकती है लेकिन कुछ महिलाओ में यह छेद बहुत छोटा होता है. इसी छेद में से होकर मासिकधर्म के दिनों में रक्त निकलता है. बहुत से लोगों का मानना है कि यह झिल्ली योनि के अन्दर के पर्दे के तरह तनी रहती है. इस झिल्ली के अनुसार यह तय किया जाता है कि लड़की ने पहले किसी के साथ शारीरिक संबंध स्थापित नहीं किए है.

काफी लोगों के अनुसार यह झिल्ली शादी के बाद पहली बार पुरुष के साथ सेक्स करते लिंग प्रवेश के कारण टूट जाती है. जब यह झिल्ली टूटती है तो महिला को हल्के से दर्द के साथ खून निकलता है. बहुत सी महिलाओ की यह झिल्ली काफी मोटी होती है जो काफी दर्द के साथ फटती है. काफी लोगों का यह मानना होता है कि जिन महिलाओ के पहली बार सेक्स करते समय रक्त नहीं निकलता है वह पहले किसी और के साथ शारीरिक संबंध बना चुकी होती हैं लेकिन यह बात पूरी तरह से सच नहीं हो सकती है क्योंकि कुमारीच्छद (योनि की झिल्ली) किसी दुर्घटना, खेलते-कूदते समय, साईकिल चलाने आदि से भी फट सकती है.

7.वीर्यपात के बाद शुक्राणु का डिंब तक पंहुचना Sperm ke baad shukranu ka dimb tak pahuchna

महिलाओ के गर्भाशय और फैलोपियन टयूब की लंबाई 3 और 5 इंच होती है. इस प्रकार कुल लंबाई 8 इंच होती है. शुक्राणु 1 इंच का फासला 8 मिनट में तय करता है. इस प्रकार से शुक्राणु को 8 इंच का फासला तय करने में लगभग 1 घंटा लग जाता है. इसे किसी प्रकार का नियम नहीं कहा जा सकता. यह सब शुक्राणुओं की गति पर निर्भर करता है इसलिए 1 घंटे से कम का समय भी लग सकता है और ज्यादा भी.

8.लिंग का छोटा होना Ling ka chota hona

वहुत से पुरुष अपने लिंग के आकार को लेकर अक्सर दुविधा में रहते हैं वे सोचते हैं कि मेरा लिंग छोटा है इसलिए मैं शादी के बाद अपनी पत्नी को पूरी तरह से यौन संतुष्टि नहीं दे पाऊंगा. ऐसे लोगों को यह बात बताना जरूरी है कि सेक्स करने के लिए लिंग के छोटे-बड़े आकार का कोई फर्क नहीं पड़ता है. महिला को सेक्स करते समय संतुष्ट करने के लिए जिस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है वह है सेक्स के बारे में पूरी तरह की जानकारी होना.

9.शादी के बाद कुछ समय तक बच्चा पैदा करना और नहीं करना Shaadi ke baad kuch samy tak baccha peda karna aur nahi karna

कोई भी लड़की जब युवावस्था में प्रवेश करती है तभी से उसका मासिकधर्म शुरू हो जाता है जो इस बात का सूचक होता है कि लड़की गर्भधारण करने के लायक हो गई है लेकिन असल में गर्भधारण करने की क्षमता को विकसित होने में कुछ समय लग जाता है इसलिए 20-21 साल की उम्र से लेकर 30 साल की उम्र तक का समय महिला के गर्भधारण करने के लिए सही माना जाता है. साधारणतः महिलाओ में 40 साल की उम्र तक संतान पैदा करने की क्षमता रहती है. हमारे देश में शादी की उम्र 18 साल तय की गई है इसलिए शादी करने के 3-4 साल बाद तक शादी करने के बारे में नहीं सोचना चाहिए. इसके बाद दूसरे बच्चे के बारे में जब सोचना हो तो पहले बच्चे और दूसरे बच्चे के बीच में 4-5 साल का अंतर होना चाहिए. अगर किसी लड़की की शादी 30 साल की उम्र पार करने के बाद होती है तो उसे पहला बच्चा पैदा करने में देरी नहीं करना चाहिए.

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10.सेक्स क्रिया के दौरान लिंग में जलन Sex kriya ke doran ling me jalan

बहुत से पुरुषों को सेक्स करते समय लिंग में जलन सी महसूस होती है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सेक्स करते समय महिला की योनि खुश्क होती है. इस जलन से बचने के लिए लिंग को महिला की योनि में डालने से पहले कोई भी चिकना पदार्थ जैसे क्रीम, वैसलीन या तेल आदि लगा देना चाहिए.

11.महिला को चरम सुख तक पंहुचाना Mahila ka charam such tak pahuchna

सेक्स क्रिया के समय महिला को चरम सुख प्राप्त होते समय उसके स्नायुओं में बहुत ज्यादा तनाव पैदा हो जाता है. इसके बाद यह तनाव एक विस्फोट के रूप में फट पड़ता है जिससे महिला बेहोशी जैसी अवस्था में भी पंहुच सकती है. चरमसुख निर्भर करता है स्वास्थ्य, क्लान्ति और रागात्मक सघनता पर. सेक्स करते समय महिला को मिलने वाला चरमसुख जहां उसे एक अजीब सा आनंद देता है वहीं किसी-किसी को परेशानी भी पंहुचाता है. चरमसुख के समय जरूरी नहीं है कि महिला स्खलित हो ही लेकिन तनाव और उसकी आनन्दाभूति में परिणति जरूरी है.

12.इंसान का कम और अधिक कामुक होना Insaan ka kam aur adhik kamuk hona

हर इंसान के अंदर काम भावना लगभग एक ही जैसी रहती है फर्क सिर्फ इतना है कि कोई इसे सही तरह से भोगता है या नहीं. जो व्यक्ति सेक्स की तकनीक को ज्यादा से ज्यादा जान लेता है उसे ही अधिक कामुक व्यक्ति मान लिया जाता है और जो इसकी तकनीकों से वंचित रह जाता है उसे मान लिया जाता है कि उसके अंदर कामुकता नहीं है.

13.वीर्य में शुक्राणुओं की कमी होना Sperm me shukranuo ki kamo aana

अगर किसी पुरुष के वीर्य में शुक्राणुओं की कमी हो जाती है तो सबसे पहले उसकी कमी होने के कारणों का पता करना चाहिए. यदि भोजन में पोषक तत्वों की कमी, ग्रंथियों में किसी तरह का विकार या किसी प्रकार के इंफैक्शन के कारण वीर्य में शुक्राणुओं की कमी हो जाती है तो उसे विटामिन, हार्मोन्स या दूसरी ताकतवर औषधियों के द्वारा दूर किया जा सकता है लेकिन अंडकोषों को किसी कारण से ज्यादा नुकसान हुआ हो तो उसका इलाज असंभव है.

14.मासिकस्राव का दुबारा आना Masiksrav ka dubara aana

हर महिला का मासिकस्राव लगभग 28 दिन के बाद आता है लेकिन इसके आने की तारीख ऊपर-नीचे होती रहती है. कभी महिला का मासिकस्राव 26 दिन में आ जाता है और किसी का 30 दिन में आता है. किसी-किसी महिला का मासिकस्राव तो 32 दिन में भी आता है. इसलिए कहा जा सकता है कि मासिकस्राव आने का चक्र 26 से 32 दिन का होता है.

15.पुरुष के लिए गर्भ रोकने के साधन Purush ke liye garbh rokne ke sadhan

अगर कोई पुरुष चाहता है कि वह महिला के साथ सेक्स करे और महिला को गर्भ न ठहरे तो इसके लिए पहला उपाय उसके सामने यह है कि वह जिस समय महिला के साथ सेक्स करे उस समय उसका वीर्य स्खलन होने को हो अर्थात जब वह सेक्स की चरम सीमा पर पंहुचने वाला हो तो उससे कुछ क्षण पहले ही उसको अपने लिंग को महिला की योनि से बाहर निकाल देना चाहिए. कहने का तात्पर्य यह है कि सेक्स के समय पुरुष को अपने वीर्य को महिला की योनि में नहीं जाने देना चाहिए. गर्भ को रोकने के लिए जो दूसरा उपाय सामने आता है और उसे ज्यादातर हर व्यक्ति जानता है वह है कंडोम का उपयोग करना. सेक्स करते समय कंडोम का उपयोग करने से महिला को गर्भ ठहरने का डर नहीं रहता है.

16.महिलाओ के लिए गर्भ रोकने के साधन Woman ke liye garbh rokne ke sadhan

जो स्त्रियां जल्दी मां नहीं बनना चाहती उनके लिए आज के समय में काफी साधन बाजार में आ गए हैं जैसे गर्भनिरोधक गोलियां, कापर टी, जेली और डूश आदि.

17.पुरुषों में यौन दुर्बलता Purusho me yon durbalta

पुरुषों में यौन दुर्बलता 2 प्रकार की पाई जाती है पहली शारीरिक और दूसरी मानसिक. कभी-कभी यह दुर्बलता वंशानुगत भी मानी जाती है. अगर किसी व्यक्ति को कोई दिमागी परेशानी होती है या उसे किसी प्रकार का तनाव होता है तो उसके कारण उसकी सेक्स में रुचि समाप्त हो जाती है इसे ही मानसिक यौन दुर्बलता कहा जाता है. शारीरिक यौन दुर्बलता हार्मोंस की कमी, यौनांगों की बनावट में विकार और शरीर में कमजोरी आदि कारणों से हो जाती है. कई व्यक्तियों को लंबे समय से चले आ रहे किसी रोग के कारण भी यौन दु्र्बलता आ जाती है. आज के समय में मधुमेह रोग (डायबिटीज) यौन दुर्बलता का प्रमुख कारण बनता जा रहा है. मधुमेह रोग (डायबिटीज) के ज्यादा बढ़ जाने के कारण व्यक्ति में नपुंसकता भी आ सकती है. इनके अलावा जिन व्यक्तियों का वजन ज्यादा होता है या बहुत कम होता है उन्हें भी यौन दुर्बलता हो सकती है.

18.समलैंगिकता Samlengikta

दूसरे लिंग की और आकर्षित होना तो मानव का स्वभाव माना जाता है जैसे महिला पुरुष की ओर आकर्षित होती है और पुरुष महिला की और आकर्षित होती है और एक-दूसरे के साथ शारीरिक संबंध बना लेते हैं. लेकिन कई लोग समलैंगिक होते हैं अर्थात वह अपने जैसे सेक्स वाले लोगों के साथ ही शारीरिक संबंध बनाना पसंद करते हैं जैसे महिला, महिला के साथ संबंध बनाना पसंद करती है और पुरुष, पुरुष के साथ संबंध बनाना पसंद करता है. इस प्रकार की सेक्स क्रिया को अप्राकृतिक मैथुन के रूप में देखा जाता है. यह स्थिति किशोरावस्था से शुरू होकर युवावस्था तक बनी रहती है. अक्सर स्कूल-कालेज में या दूसरे किसी मौके पर एक ही जगह पर बहुत से पुरुष ही पुरुष या बहुत सी स्त्रियां ही स्त्रियां इकट्ठी होती हैं तो ऐसे समय में आपसी छेड़छाड़ जब शारीरिक छेड़छाड़ की तरफ बढ़ती है और धीरे-धीरे उनमें समलैंगिकता का दौर शुरु हो जाता है. वैसे तो समलैंगिकता पुरुषों और महिलाओ दोनों में ही पाई जाती है लेकिन फिर भी पुरुषों में यह समलैंगिकता ज्यादा पाई जाती है.

19.लम्बे टाइम तक ना सेक्स करने की हनिया Long time tak na sex karne ki haniya

बहुत से लोगों का कहना है कि कोई व्यक्ति अगर कुछ समय तक सेक्स क्रिया से दूर रहे तो उसके वीर्य से निकलने वाले शुक्राणु ज्यादा शक्तिशाली होते हैं लेकिन अगर किसी व्यक्ति ने बहुत ही लंबे समय तक सेक्स क्रिया न की हो तो ऐसे व्यक्तियों के शुक्राणु उन व्यक्तियों की तुलना में काफी कमजोर होते हैं जो कुछ-कुछ समय के बाद सेक्स क्रिया करते रहते हैं.

20.महिला को गर्भवती होने का पता लगना Woman ko pregnant hone ka pata lagna

किसी भी महिला को जैसे ही गर्भ ठहरता है इसका पता उसे गर्भ ठहरने के तुरंत बाद ही पता न चलकर कुछ समय के बाद प्रकट होने वाले लक्षणों के आधार पर चलता है जिसमें पहला लक्षण आता है महिला का मासिकधर्म बंद हो जाना लेकिन इसे महिला को गर्भ ठहरने का पक्का कारण नहीं माना जा सकता क्योंकि मासिकधर्म रुकने के और भी कई कारण हो सकते हैं. इसके अलावा मासिकधर्म के रुकने के लगभग 3 हफ्ते के बाद अगर महिला को उल्टियां होने लगे, चक्कर आने लगे, जी मिचलाने लगे तो हो सकता है कि महिला गर्भवती है. महिला के गर्भवती होने पर उसको बार-बार पेशाब आने लगता है, 3 महीने के बाद महिला का पेट बढ़ने लगता है और पांचवें महीने के बाद तो गर्भ में बच्चा हलचल सी करने लगता है.

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21.महिला में बच्चा पैदा करने की क्षमता होना Woman me baccha peda karne ki chamta hona

कोई भी महिला अपने मासिकधर्म के शुरु होने से लेकर (12 से 15 साल) रजोनिवृति अर्थात मासिकधर्म के बंद होने तक (45 से 50 साल) बच्चे को जन्म देने की क्षमता रखती है.

22.पुरुषों में बच्चा पैदा करने की क्षमता होना Purusho me baccha peda karne ki chamta hona

पुरुषों के अंदर वीर्य में शुक्राणुओं के पैदा होते है महिला में गर्भ ठहराने की क्षमता आ जाती है और जब तक उसका वीर्य स्खलन होता रहता है तब तक यह क्षमता भी बनी रहती है. पुरुषों में आमतौर पर 13 से 16 साल की उम्र में वीर्य स्खलन शुरु हो जाता है. पुरुषों में महिला से ज्यादा उम्र तक बच्चे को जन्म देने की क्षमता बनी रहती है. लगभग 50 साल के बाद पुरुष की यह क्षमता कम होने लगती है.

23.नसबंदी के बाद कमजोरी होना Nasbandi ke baad kamjori hona

बहुत से लोगों का यह मानना होता है कि नसबंदी के बाद नसबंदी करवाने वाले के अंदर शारीरिक, मानसिक और यौन कमजोरी आ जाती है लेकिन यह सिर्फ लोगों का एक वहम है. नसबंदी एक छोटा-सा आपरेशन है जो उन लोगों का किया जाता है जो लोग 1 या 2 बच्चों के बाद बच्चा नहीं चाहते हैं और इसका नसबंदी करवाने वाले के ऊपर किसी तरह का बुरा असर नहीं पड़ता है. नसबंदी करवाने से सेक्स क्रिया के समय किसी भी प्रकार के गर्भ को रोकने वाले साधनों का इस्तेमाल की जरुरत नहीं पड़ती है और महिला बिना किसी डर के सेक्स कर सकती है.

24.बुढ़ापे में कम उम्र की लड़की से संबंध बनाना Old age me kam age ki ladki se realtion banana

कहते हैं कि सेक्स करने के लिए शरीर का जवान होना जरूरी नहीं है बल्कि मन का जवान होना जरूरी है. बहुत से बूढ़े लोगों का यह कहना होता है कि बुढ़ापे में कम उम्र की लड़की के साथ सेक्स करने से सेक्स पावर बढ़ता है लेकिन यह सिर्फ एक तरह का वहम है. बूढ़े लोगों का कम उम्र की लड़की की तरफ ज्यादा आकर्षित होने का कारण यह होता है कि इस उम्र में उनकी पत्नी का शारीरिक आकर्षण समाप्त हो जाता है जिसके कारण अपनी पत्नी को देखकर उनमें कामोत्तेजना नहीं होती है. इसके विपरीत कम उम्र की लड़की में शारीरिक आकर्षण ज्यादा होता है और उसकी कोमल त्वचा और शरीर की महक सेक्स पावर को बढा़ती है जिससे पुरुष स्वयं को ज्यादा पावरफुल महसूस करता है लेकिन ऐसी लड़कियों के साथ संबंध बनाने का सेक्स पावर बढ़ने पर कोई असर नहीं पड़ता.

25.शादी से पहले किसी और महिला से सेक्स संबंधों की जानकारी लेना Shaadi se pahle kisi aur mahila se sex relations ki jankari lena

बहुत से युवक जिनकी शादी होने वाली होती है, के मन में यह बात घूमती रहती है कि मुझे सेक्स के बारे में किसी प्रकार की जानकारी नहीं है तो मैं पहली रात को अपनी पत्नी के साथ संबंध कैसे बनाऊंगा. इसके लिए वह सोचते हैं कि मुझे पहले किसी और महिला के साथ संबंध बनाकर सेक्स के बारे में जानकारी ले लेनी चाहिए. लेकिन यह सोच गलत है क्योंकि इन संबंधों से सेक्स के बारे में जानकारी होने की बजाय नुकसान ज्यादा होता है. कोई भी पुरुष जब पहली बार किसी दूसरी महिला के साथ संबंध बनाता है तो उस समय वह काफी डरा रहता है जिसके कारण वह सही तरह से सेक्स क्रिया नहीं कर पाता है और किसी प्रकार का आनंद भी प्राप्त नहीं कर पाता है. कभी-कभी तो इस जल्दबाजी में वह शीघ्रपतन का शिकार हो जाता है और यहीं से उसके मन में यह बात घर कर जाती है कि वह सेक्स करने के लिए पूरी तरह लायक नहीं है.

26.जितना सेक्स उतना आनंद Jitna sex utna aanand

किसी भी पत्नी और पति के बीच में अगर बहुत लंबे समय तक सेक्स संबंध न बने तो वह दोनों ही कई तरह के खतरनाक रोगों की चपेट में आ सकते हैं लेकिन इनसे बचने के लिए यह भी नहीं किया जा सकता कि हर समय सेक्स में ही लगा रहा जाए क्योंकि यह भी एक तरह से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है. ज्यादा सेक्स करने से सेक्स में मिलने वाले आनंद में निरंतर कमी आती रहती है और यह एक काम पूरा करने वाली क्रिया बनकर रह जाती है. इसलिए सेक्स करने के बारे में जो सही बात सामने आती है वे यह है कि पहले तो कुछ दिन तक लगातार सेक्स कर लिया जाए उसके बाद अगले कुछ दिनों तक सेक्स न किया जाए क्योंकि कुछ दिनों तक रुककर अगर सेक्स किया जाता है तो उसमें मिलने वाला आनंद बढ़ जाता है.

27.सेक्स और मोटापे में संबंध Sex aur motapa me relation

वैसे तो साधारण तौर पर सैक्स और मोटापे का कोई संबंध नहीं कहा जा सकता है लेकिन एक शब्द है भूख जो दोनों ही के लिए प्रयोग किया जा सकता है. ज्यादा खाना या मांसाहारी खाना मोटापा पैदा करता है, हार्मोंसों में गड़बड़ी आ जाने के कारण भी मोटापा बढ़ जाता है. मोटापे के बढ़ने से रोजमर्रा के कामों में भी रुकावट आ सकती है क्योंकि इसके काऱण सुस्ती, आलसपन या चलने-फिरने में परेशानी पैदा हो सकती है. जिससे शरीर की मांसपेशियां ढीली पड़ जाती है सेक्स करने का आनंद कम हो जाता है.

28.काम उत्तेजना का अधिक होना Kam uttejna ka adhik hona

किसी भी पुरुष के अंदर जब काम उत्तेजना तेज होती है तो उसे आमतौर पर मर्दानगी का नाम दिया जाता है. लेकिन अगर यही स्थिति अगर महिला में हो तो उसे गलत महिला कहा जाने लगता है. दिमागी तौर पर बीमार व्यक्ति (अर्धविक्षिप्त) जैसे किसी काम के पीछे पड़ जाता है उसी प्रकार से वह सेक्स के प्रति भी पागल हो जाता है. बहुत के मामलों में दिमाग में सूजन, मिर्गी का दौरा पड़ने आदि के कारण भी काम उत्तेजना तेज हो सकती है.

29.सेक्स क्रिया में लगने वाला समय Sex kriya me lagne wala time

सेक्स के बारे में पूरी तरह से जानकारी न होने के कारण लोगों के मन में सेक्स से संबंधित कोई न कोई सवाल घूमता रहता है इसमें से एक सवाल जो सामने आता है वह यह है कि सेक्स क्रिया करने में कितना समय लगना चाहिए. किसी भी साधारण पुरुष का लिंग लगभग 2 से 10 मिनट तक उत्तेजित रह सकता है. अगर महिला और पुरुष दोनों ही सेक्स करने के सही तरीकों को जानते हैं तो पुरुष 8 से 10 मिनट तक अपने लिंग को उत्तजित अवस्था में रख सकता है लेकिन काम-क्रीड़ा के बाद अगर लिंग का योनि के अंदर पहुंचकर घर्षण करना शुरू हो जाए तो पुरुष को स्खलित होने में 1 से 2 मिनट का समय लगता है लेकिन अगर घर्षण का सिलसिला रुक-रुककर चले तो ऐसी स्थिति में इस अवधि को 10 से 15 मिनट तक बढ़ाया जा सकता है.

30.सेक्स क्रिया के लिए चिकनाई Sex kriya ke liye chiknayi

महिला की योनि में से साधारण तौर पर हर समय थोड़ा-थोड़ा स्राव होता रहता है जिसके कारण उसकी योनि हर समय गीली सी रहती है. लेकिन यह स्राव जब ज्यादा मात्रा में बहने लगता है तो यह योनिद्वार में से बाहर निकलने लगता है उस समय इसे ल्यूकोरिया (प्रदर) कहा जाता है. इसके विपरीत बहुत सी स्त्रियां ऐसी होती है जिनकी योनि में से यह स्राव बहुत कम मात्रा में निकलता है इसलिए उनके साथ सेक्स करते समय शुद्ध बी-पी क्वालिटी के वैसलीन को लिंग की त्वचा, लिंग के आगे के मुख और योनिमार्ग की दीवारों पर मलने से इस परेशानी को दूर किया जा सकता है.

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31.गर्भवती महिला के साथ सेक्स करना Pregnant woman ke sath sex karna

गर्भवती महिला के साथ सेक्स करने से कई प्रकार के रोग होने की संभावना रहती है खासकर जिन महिलाओ को गर्भाशय के रोग होते हैं या जिस महिला को पहले 1-2 बार गर्भपात हो चुका हो उनके साथ गर्भावस्था में सेक्स करने से दुबारा गर्भ गिर जाने का डर रहता है. गर्भपात होने की यह संभावना गर्भ ठहरने के बाद शुरुआती 6-7 सप्ताह में और फिर गर्भावस्था के आखिरी 8 सप्ताहों में बहुत ज्यादा होती है इसलिए इस समय सेक्स विल्कुल नहीं करना चाहिए. समझदार पुरुष भी वहीं होते हैं जो गर्भावस्था के इन दिनों में पत्नी के साथ सेक्स न करें. ज्यादातर महिलाओ में गर्भावस्था के इन दिनों में काम उत्तेजना बहुत कम हो जाती है और उनमें सेक्स करने की इच्छा नहीं रहती है इसलिए पुरुष को भी पत्नी की इस इच्छा के विरुद्ध उसके साथ सेक्स नहीं करना चाहिए.

32.सेक्स के बाद थकान का होना Sex ke baad thakan ka hona

बहुत से लोगों की शिकायत होती है कि सेक्स क्रिया करने के बाद अक्सर उनके शरीर में थकान आ जाती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सेक्स क्रिया के समय व्यक्ति अपनी सारी शक्ति और मानसिक क्रियाएं एक ही तरफ केंद्रित कर लेता है. इसी कारण सेक्स क्रिया के समय जब स्खलन होता है तो पुरुष के शरीर के सारे अंग आराम मांगते हैं लेकिन यह थकान ज्यादा देर तक न होकर कुछ ही समय तक रहती है.

33.चुंबन से हानि होना Chumban se hani hona

सेक्स क्रिया के कारण महिला और पुरुष का व्यक्तित्व, मानसिक तृप्ति और शारीरिक स्वास्थ्य ठीक रहने के साथ किसी प्रकार का तनाव भी नहीं रहता है. यह सब सिर्फ सेक्स क्रिया से ही संभव नहीं होता. इसको और ज्यादा उत्तेजक और आनंददायक बनाने के लिए प्राककीड़ा का बहुत ज्यादा महत्व होता है. इसमें अलिंगन, चुंबन, स्पर्श आदि की आवश्यकता होती है. इससे यौन भावना काफी तेज होकर सेक्स क्रिया को असरकारक बनाते हैं. इससे किसी प्रकार की बीमारी होना संभव नहीं है लेकिन ऐसे में महिला और पुरुष दोनों का स्वस्थ रहना जरूरी है. इनमें से अगर किसी एक को भी जुकाम, मुंह के छाले, टीबी, दांतों की बीमारी, पायरिया आदि हो तो चुंबन आदि से दूर होना चाहिए क्योंकि इस दौरान चुंबन आदि करने से दूसरे को भी बीमारियां होने का डर रहता है.

34.सेक्स के दौरान महिला को दर्द होना Sex ke doran mahila ko pain hona

सेक्स करते समय बहुत सी महिलाओ को बहुत तेज दर्द होता है जिसका कारण शतीच्छेद (कुमारीच्छद) की कठोरता है. शतीच्छेद एक प्रकार की झिल्ली होती है जो योनि के ऊपर रहती है. पहली बार सेक्स करते समय लिंग के योनि में प्रवेश करने से यह झिल्ली फट जाती है जिस कारण हल्का-हल्का सा दर्द होता रहता है. बहुत सी महिलाओ में यह झिल्ली काफी मोटी होती है जिसके कारण लिंग के प्रवेश करने से घर्षण से फटती नहीं है और महिला को दर्द ज्यादा होता है. अगर ऐसा होता है तो किसी अच्छे चिकित्सक से सर्जरी करवा लेनी चाहिए. इसके अलावा अगर योनि में से निकलने वाले स्राव की कमी के कारण योनि खुश्क हो तो भी यह पीड़ा का सबब बन सकती है.

35.स्खलन होते समय वीर्य को रोक देना Skhalan hote samy sperm ko rok dena

बहुत से युवकों के मन में यह बात घर कर जाती है कि अगर सेक्स क्रिया के समय स्खलन होने से पहले वीर्य को रोक लेने से वीर्य का नाश होने से रोका जा सकता है और इस क्रिया का पूरी तरह से आनंद भी लिया जा सकता है. इस बात को उनके मन का वहम ही कहा जा सकता है क्योंकि एक बार वीर्य जब अपनी जगह से हट जाता है तो उसी रूप में स्थिर नहीं रहता बल्कि मूत्राशय में जाकर रुक जाता है. इसके कारण पुरुष के पथरी, सूजन और गुदा के भाग में मस्से आदि हो जाते हैं. इसलिए वीर्य स्खलन के समय वीर्य को स्खलित होने देना चाहिए.

36.सेक्स के दौरान आनंद ना आना Sex ke doran aanand na aana

बहुत से लोगों की शिकायत होती है कि सेक्स क्रिया के समय पति-पत्नी दोनों को पूर्ण आनंद प्राप्त नहीं होता है. इस समस्या के कई कारण होते हैं. इस समस्या को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि पति और पत्नी को इस समस्या के बारे में आपस में खुलकर बात करनी चाहिए क्योंकि यही बातचीत काम-क्रीड़ा का दूसरा रूप होती है. हनीमून पर बाहर जाना, सेक्स क्रिया में नए-नए आसनों का प्रयोग करना, साथ-साथ स्नान करना, कामोत्तेजक किताबें पढ़ना आदि पति-पत्नी के बीच सेक्स क्रिया के बीच के आनंद को बढ़ाते हैं.

हम ये बिलकुल भी नहीं चाहेंगे की आपको किसी भी तरह की कोई भी परेशानी हो, इसलिए हम आपको सदा ही ऐसे घरेलु उचार देना चाहेंगे , जो की आपको अत्यधिक लाभ दे. ताकि आप एलोपेथी दवाईयों का इस्तेमाल कम से कम करे. क्योकि एलोपेथी दवाईयां हमारी बीमारी को तो ठीक कर देती है लेकिन ये हमारे शरीर को काफी मात्रा मैं नुकसान भी पहुँचती है. इसलिए हमे इन दवाइयों को ज्यादा से ज्यादा अवाइएड करना चाहिए यानि की कम से कम ही इन्हे खाना चाहिए. तो दोस्तों आपको हमारे द्वारा बताती गयी जानकारी किसी लगी हमे जरूर बताये.

ताकि हम आपको अधिक से अधिक जानकारिया उपलब्ध कराये. ये जो उपचार हमने आपको बताये है, ये आपके लिए काफी फायदेमंद है, लेकिन हम आपसे ये अनुरोध करते है की जो कुछ भी जानकारी हमने आपको दी है. उसे अपनी लाइफ मैं इस्तेमाल करने से पहले कम से कम एक बार हम ये चाहेंगे की आप अपने डॉक्टर की सलहा जरूर ले. “sex tips in hindi”

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